जोधपुर। राज्य में जिला मुख्यालय पर स्थित अधीनस्थ व विशेष अदालतों सहित न्यायाधिकरणों में सोमवार से अधिवक्ता व पक्षकारों की मौजूदगी में नियमित न्यायिक काम शुरू होगा। हालांकि, अग्रिम आदेश तक जयपुर महानगर प्रथम व द्वितीय तथा बीकानेर जिला मुख्यालय पर स्थित अदालतों में 1 अक्टूबर को जारी परिपत्र की व्यवस्था 1 नवंबर तक प्रभावी रहेगी।
रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी परिपत्र के अनुसार वीडियो, व्हाट्सएप, स्काइप, जित्सी या किसी अन्य उपयुक्त वीडियो कॉफ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म या टेली-कॉफ्रेंसिंग द्वारा अदालत की कार्यवाही भी जारी रहेगी। उन सभी मामलों में साक्ष्यों की रिकॉर्डिंग शुरू हो सकेगी, जहां आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में हैं या प्रकरण के समयबद्ध निस्तारण के आदेश दिए गए हैं। दस साल से पुराने मामलों में भी साक्ष्य रिकॉर्ड होगी। जिन मामलों में पक्षकार इच्छुक है, उनमें भी साक्ष्य रिकॉर्ड होगी, लेकिन इसके अभाव में 12 नवंबर तक कोई अदालत विपरीत आदेश पारित नहीं कर सकेगी। हाईकोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 18 नवंबर के बाद से सभी मामलों में साक्ष्य रिकॉर्ड किए जाएंगे। इसमें विफल रहने पर उचित विधिसम्मत आदेश पारित किया जा सकेगा। रजिस्ट्रार जनरल ने स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा उपखंड मुख्यालय पर वरिष्ठतम न्यायिक अधिकारी को अदालत परिसर में अधिवक्ताओं, पक्षकारों व अन्य लोगों के प्रवेश और निकास के लिए आवश्यक व्यवस्था करने को कहा है। उचित समझे जाने पर स्थानीय स्तर पर अदालत के कमरे और अदालत परिसर में संख्या को सीमित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।
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