फ्लैश बैक
जोधपुर. साल 2014 के नगर निगम चुनाव में कई ऐसे प्रत्याशी मैदान में उतरे, जिन्होंने राजनीति में अपने सीनियर्स को शिकस्त दे दी, हालांकि ये बात दिगर थी कि पार्टियां अलग-अलग थी। बूथ पर यूथ का शक्ति प्रदर्शन भी देखते बना। इतना ही नहीं, कई पार्टी में जूनियर ने ऐसे सीनियर्स तक को हराया, जो महापौर जैसे पदों के दावेदार माने जा रहे थे। हालांकि इस बार भाजपा-कांग्रेस राजनीतिक पार्टियां कितने यूथ को मौका देती है, ये बात समय बताएगा।
महापौर के दावेदार भी हारे
वार्ड संख्या 34, जो वर्तमान में 29 है, यहां पार्षद सुनील व्यास ने महापौर के दावेदार जगदीश पुरोहित को हराया। इस चुनाव में सुनील 204 वोटों से जीते। पुरोहित की उम्र 60 से अधिक थी, सुनील महज 42 वर्ष के थे। वहीं पिछले वार्ड संख्या 59 में कांग्रेस के विजय पुरी ने महापौर के दावेदार माने जाने वाले प्रसन्नचंद मेहता को 54 वोट से हराया। यहां भी विजय पुरी से मेहता उम्र में बड़े थे।
22 की उम्र में गिरीश व पूजा बने पार्षद
वार्ड संख्या 65 से पिछले बार गिरीश लूणा महज 22 वर्ष की उम्र में पार्षद बन गए थे। ये वार्ड संख्या अब 4 हो गया है। लूणा ने मदन बलाई को 559 मतों से हराया। बलाई भी लूणा से काफी सीनियर थे। 29 वार्ड से पूजा गुजराती पार्षद बनी थी। पूजा की आयु भी 22 वर्ष थी। अब ये वार्ड उत्तर नगर निगम 66 हो गया है। पूजा के सामने सरिता सिसोदिया मैदान में थी, जो भी पूजा से सीनियर थी।
वार्ड में खुद का घर नहीं, फिर भी जीते जोशी
विश्वजीत जोशी पिछले दफे वार्ड संख्या 7 में चुनाव में खड़े हुए थे। उनके सामने भी उम्र में बड़े विजय संभवानी हार गए। जोशी ये चुनाव 1958 मतों से जीते थे। इस बार उन्होंने चुनाव नहीं लडऩे का मानस बताया है।
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