अधिक मास में रवि पुष्य योग 11 को

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. साधना और आराधना के लिए विशेष शुभ पवित्र महीने पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) में रवि पुष्य का शुभ योग 11 अक्टूबर को बनेगा । अधिकमास के चलते यह दिन धार्मिक अनुष्ठान, दानपुण्य आदि के लिए तो शुभफलदायी होगा ही, साथ ही यह दिन सभी तरह की वस्तुओं की खरीदारी के लिए भी विशेष शुभ होगा ।

ज्योतिषियों के अनुसार साल में बहुत कम ऐसा मौका आता है जब यह योग बनता है । पुष्यनक्षत्र योग में लोग भवन , भूमि , वाहन, आभूषण, आवश्यक गृह उपयोगी वस्तुएं सहित संपत्ति की खरीदारी करते हैं । इस योग में खरीदारी करना अत्यंत शुभकारी माना गया है। पुष्य नक्षत्र रविवार को सूर्योदय से लेकर रात्रि तक होने से पूरा दिन ही खरीदारी के लिए शुभ होगा । पंडित मोहन लाल गर्ग ने बताया की पुष्य नक्षत्र मांगलिक कार्यों के लिए भी शुभ है लेकिन अधिकमास मळमास होने के कारण गृह प्रवेश, गृहारंभ , मुंडन सहित बड़े मांगलिक कार्य निषेध कहा गया है। अधिक मास में सभी व्रत, वार, तिथि, नक्षत्र राशि सभी ईश्वरीय विग्रह रूप कहे गए है। रामायण श्रीमद्भागवत, श्रीमद् भगवद गीता का पठन और श्रवण भी अश्वमेघ महायज्ञ के समतुल्य फलदाई बताया गया है। अधिक मास में 11 अक्टूबर को रवि पुष्य सूर्योदय सुबह 6.38 से लेकर रात्रि 1.18 बजे तक होने से खरीदारी के लिए श्रेष्ठ रहेगा।

यज्ञ- अनुष्ठान व दान के लिए भी विशेष फलदायी

पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) में भागवत कथा श्रवण , भगवान विष्णु, शंकर का पूजन अभिषेक, यज्ञ अनुष्ठान, दान को विशेष अक्षय बताया गया है । पवित्र मास में यज्ञ, दान धर्म करने से तो पुण्य मिलेगा ही साथ ही माता-पिता घर के अन्य बुजुर्गों और आसपास के सभी जरूरतमंद बुजुर्गों की सेवा से भी अक्षय पुण्य अर्जित हो सकेगा। विशेष रूप से कोरोनाकाल में पीडि़त व जरूरतमंद परिवारों को दवाई, रक्तदान, मास्क, सेनिटाइजर और भोजन का दान करना चाहिए। अधिक मास में असहाय लोगों को अन्नदान का फल अनंत गुणा होने के साथ साक्षात ईश्वरीय सेवा भी है।

-सैनाचार्य अचलानंद गिरि



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2GxKWZG
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment