HANDICRAFT----हैंडीक्राफ्ट निर्यातकों का 150 करोड का जीएसटी रिफ ण्ड अटका

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर।

कोविड के कारण पहले ही हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री आर्थिक तंगी से जूझ रही है। इसके साथ ही करोड़ों रुपए सरकारी विभागों में अटके हैं। ऐसे में वर्किंग केपिटल की कमी भी खटक रही है। जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट निर्यातकोए जिन्होंने सीधे गुजरात के मुन्द्रा पोर्ट से निर्यात किया हैए को जून माह से आइजीएसटी में रिफंड नहीं मिला है। इसके कारण निर्यातक परेशान हैं।
जोधपुर के करीब 100 से अधिक निर्यातको के करीब 150 करोड़ के आईजीएसटी रिफण्ड मुन्द्रा पोर्ट से अटके पडे है ।
........
जून से अगस्त का नहीं मिला रिफण्ड

जोधपुर के निर्यातकों के अनुसार जूनए जुलाई व अगस्त का आइजीएसटी रिफंड नहीं मिला और अब सितंबर भी खतम होने वाला है । यह करीब 150 करोड़ रुपये है। निर्यातक मानते हैं कि केंद्र सरकार फ ण्ड की कमी के कारण जानबूझकर रिफंड देने में देरी कर रही है। केंद्र सरकार कस्टम विभाग को आइजीएसटी का डाटा हर माह ट्रांसफ र करती है। इसके बाद कस्टम विभाग रिफंड जारी करता है लेकिन अभी तक तीन माह का डाटा ट्रांसफ र नहीं किया गया है। निर्यातकों की रकम ही उन्हें नहीं मिल रही है।
.....
नए आर्डर लेने में परेशानी
निर्यातकों को नए खरीदारों व मार्केट से ऑर्डर मिल रहे हैंए लेकिन नकदी का संकट है। इस वजह से निर्यातको को नए ऑर्डर लेने में हिचकिचाहट हो रही है।
...
मेरा करीब 3 करोड़ रुपए आईजीएसटी रिफ ण्ड अटका हुआ है। मेरे जैसे अनेक निर्यातकों का करोड़ों रुपए के रिफ ण्ड अटके हुए है।
मनीष झंवर निर्यातक
.....
मुन्द्रा पोर्ट से जून से निर्यातकों के आईजीएसटी रिफ ण्ड अटकने से स्थिति गंभीर हो गई है । केंद्रीय वित्त मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय व सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम को इस समस्या के समाधान की मांग की गई है।
डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष
जोधपुर हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/33U5vax
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment