जोधपुर में कोरोना दिखा रहा क्रूरतम चेहरा, अभी की सख्ती त्योहारी सीजन में दे सकती है राहत

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जोधपुर। कोरोना संक्रमण जैसे इन दिनों पीक पर पहुंच गया है। पिछले पांच दिनों से रोजाना औसतन ५०० से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। कुल संक्रमितों का आंकड़ा भी लगभग २५ हजार के करीब पहुंच गया है। राहत की बात है कि इनमें से लगभग १७ हजार संक्रमित ठीक भी हुए हैं, मगर अब भी लगभग सात हजार संक्रमित कोरोना से लोहा ले रहे हैं। विशेषज्ञों की राय में ये हालात बता रहे हैं कि जोधपुर में कोरोना अब पीक पर है और यही हालात रहे तो त्योहारी सीजन में भी इसका असर नजर आएगा। ऐसे में अभी से आम लोगों में सावचेती और प्रशासन की ओर से सख्ती की जरूरत महसूस की जा रही है।

प्रशासन ने हालांकि सप्ताहांत में दो दिन का लॉकडाउन लगाकर सख्ती का संकेत दिया है, लेकिन इसे पर्याप्त नहीं माना जा सकता। अब तो आम लोग और व्यापारिक संगठन भी मान रहे हैं कि एक लम्बा लॉकडाउन लग जाए तो त्योहारी सीजन में सभी को कोरोना के कहर से राहत मिल सकती है। इधर प्रशासन की दिक्कत यह है कि अनलॉक गाइडलाइन में राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के स्तर पर लॉकडाउन लगाने का फैसला भी टेढ़ी खीर हो गया है। जिला प्रशासन केंद्र व राज्य सरकार की अनुमति के बाद ही लॉकडाउन का फैसला कर सकते हैं।

अनुमति भी नहीं आसान
लॉकडाउन लगाने के लिए जिला प्रशासन को अनुमति मिलना भी आसान नहीं है। जोधपुर में सोमवार सुबह समाप्त हो रहे दो दिन के लॉकडाउन के लिए भी जिला प्रशासन को दो दिन तक हरी झंडी का इंतजार करना पड़ा। प्रशासन ने राज्य सरकार को बाकायदा विस्तृत रिपोर्ट भेजकर जोधपुर के भयावह हालात का हवाला देना पड़ा था। इतना ही नहीं छत्तीसगढ़ के दस जिलों में लागू लॉकडाउन का अध्ययन भी किया गया। इसके बाद कहीं जाकर अनुमति मिल सकी। अगले सप्ताहांत लॉकडाउन की उम्मीद आईएएस की परीक्षा के कारण कम ही है। इसके बाद प्रशासन दस से पंद्रह दिन लम्बे लॉकडाउन की कोशिश कर सकता है, ताकि दशहरा तक हालात कुछ काबू में आ सके।

इतने भयावह हैं हालात
जोधपुर में अब तक २४३७० से ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से करीब १९ हजार मरीज ठीक हो गए, लेकिन अब तक ३४१ से ज्यादा मौतें हो चुकी है। सरकारी आंकड़ों में हालांकि मौतों की तादाद २८४ ही है। हालात पिछले पंद्रह दिन में ज्यादा बिगड़े हैं। इस दौरान लगभग छह हजार लोग संक्रमित हुए हैं और ८६ से ज्यादा मौतें हो चुकी है। अब भी साढ़े पांच हजार से ज्यादा एक्टिव केस हैं और इनमें से ८५० से ज्यादा अस्पतालों में भर्ती हैं।

पत्रिका व्यू
कोरोना का क्रूरतम चेहरा हम सभी के सामने हैं। रोजाना पांच-छह सौ लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। मौतें भी बढ़ गई हैं। ऐसे में हमारी सावधानी और प्रशासन की सख्ती ही कुछ राहत दे सकती है। हम सेनेटाइटर का इस्तेमाल करें, मास्क लगाएं और दो गज की दूरी का पालन करें। बिना जरूरी काम घरों से बाहर न निकलें तो आने वाले दिनों में हम त्योहारों का आनंद भी उठा सकेंगे, वरना आज के हालात तो डरावनी तस्वीर ही पेश कर रहे हैं। जिला प्रशासन के पास लम्बे लॉकडाउन के अलावा कोई चारा नहीं बचा दिखता और इसका फैसला करवाना अब नई गाइडलाइन के अनुसार इतना आसान भी नहीं रह गया। ऐसे में हमारी सजगता ही हमें सुरक्षित रख सकती है। सतर्क रहें और कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करें।



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