बैठक के प्रारंभ में बार कौंसिल के सदस्य सज्जन राज सुराणा के असामयिक निधन एवं प्रदेशभर में कोरोना महामारी के कारण अधिवक्ताओं के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा गया। कार्यकारिणी समिति ने सर्वसम्मति से बार कौंसिल ऑफ राजस्थान फंड से करीब 3838 जरूरतमंद अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता के रूप में पांच हजार रुपए प्रति अधिवक्ता राशि स्वीकृत की। समिति में विभिन्न बार संघों के माध्यम से जरूरतमंद अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के लिए लंबित आवेदन पत्रों पर चर्चा हुई। बाद में 1 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि स्वीकृत किए जाने का निर्णय लिया गया। इससे पूर्व बार कौंसिल ने इसके लिए दो करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की थी। जबकि बार कौंसिल ऑफ इंडिया एडवोकेट वेलफेयर फंड से एक करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। बैठक में बताया गया कि अब तक करीब 6000 अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। समिति ने एक कमेटी गठित करने का निर्णय लिया, जो राजस्थान अधिवक्ता कल्याण कोष अधिनियम में संशोधित बिल को राज्य सरकार से पुन: कौंसिल को भेजने का आग्रह करेगी। समिति ने दो अधिवक्ताओं के आत्महत्या करने के मामले में चिंता प्रकट की और एक प्रस्ताव पारित करते हुए बार कौंसिल ऑफ इंडिया से यह मांग की गई कि इन अधिवक्ताओं के आश्रितों को तीन लाख रुपए की अविलंब आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट को पत्र लिखकर उनके आश्रितों को नौकरी प्रदान करने का अनुरोध करने का तय किया गया।
450 नए अधिवक्ताओं का पंजीयन: बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के कार्यालय में पंजीयन समिति की बैठक भी हुई, जिसमें इंद्रराज चौधरी सह अध्यक्ष बार कौंसिल ऑफ राजस्थान, रतन सिंह राव एवं सचिन आचार्य उपस्थित रहे। बैठक में करीब 450 नए अधिवक्ताओं का पंजीयन किया गया।
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