जोधपुर.
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ) ने सोने की तस्करी के संदेह में शुक्रवार सुबह जिले के खारिया मीठापुर के पास लग्जरी कार रोकी तो उसमें सवार पूर्व सैनिक ने गोलियां चला दी। पीठ में एक गोली लगने से डीआरआइ का एक स्वतंत्र गवाह घायल हो गया। बिलाड़ा थाना पुलिस ने पूर्व सैनिक सहित तीनों व्यक्तियों को गिरफ्तार व डीआरआइ ने ५.५० किलो सोना जब्त किया। जिसकी कीमत २.७५ करोड़ रुपए आंकी गई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुनील के पंवार ने बताया कि जयपुर से लग्जरी कार में तस्करी का सोना जोधपुर आने की सूचना पर डीआरआइ की टीम ने सुबह बर के पास तलाश शुरू की, लेकिन कार पकड़ में नहीं आ सकी। तब डीआरआइ की टीम खारिया मीठापुर के पास पहुंची, जहां जोधपुर जा रही लग्जरी कार को संदेह के आधार पर रुकवाया गया। कार में सवार तीन व्यक्तियों को डीआरआइ अधिकारियों ने परिचय दिया और तस्करी का सोना होने के संदेह में कार की तलाशी लेने की जानकारी दी। डीआरआइ के तीन सदस्यों के साथ दो स्वतंत्र गवाह भी थे।
कार में पूर्व सैनिक मनोहरसिंह, चालक रतन कच्छवाह व बाबूसिंह सवार थे। डीआरआइ कर्मचारी कार बंद कर चाबी निकालने लगे। सादे वस्त्रों में होने से तीनों को डीआरआइ वालों पर लुटेरे होने का संदेह हुआ। पूर्व सैनिक मनोहरसिंह ने हथियार निकाला और गोलियां चलानी शुरू कर दी। पांच-छह गोलियां चलाने से वहां हड़कम्प मच गया। डीआरआइ टीम व स्वतंत्र गवाह बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
इतने में एक गोली स्वतंत्र गवाह सुमेरसिंह की पीठ में जा लगी और वो घायल हो गया। उसे तुरंत नजदीक के अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे मथुरादास माथुर अस्पताल रैफर गया।
पुलिस मौके पर पहुंची, तीनों को पकड़ा
फायरिंग की सूचना पर बिलाड़ा थानाधिकारी मनीष देव व अन्य अधिकारी और जवान घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने कार व उसमें सवार बनाड़ रोड पर महादेव नगर निवासी पूर्व सैनिक मनोहरसिंह पुत्र सज्जनसिंह, पाल निवासी रतन पुत्र भोमाराम कचछवाहा व भगत की कोठी निवासी बाबूसिंह पुत्र कानसिंह को गिरफ्तार किया। डीआरआइ के क्षेत्रीय अधिकारी विनीत पाल की तरफ से तीनों के खिलाफ बिलाड़ा थाने में राजकार्य में बाधा डालने व फायरिंग से जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज कराया। पूर्व सैनिक मनोहरसिंह से एक पिस्तौल, दो मैग्जीन, नौ जिंदा कारतूस व एक खाली कारतूस जब्त किया गया।
जांच में तस्करी का निकला सोना जब्त
कार की तलाशी लेने पर बीच वाली सीट के नीचे बने खुफिया बॉक्स में ५.५ किलो सोना मिला। उसके संबंध में तीनों के पास कोई बिल या वैध दस्तावेज नहीं थे। यह सोना जोधपुर के प्रसिद्ध सर्राफा कारोबारी का बताया जाता है। उन्हें भी मौके पर बुलाया गया। कोई दस्तावेज पेश न करने पर डीआरआइ ने ५.५ किलो सोने को तस्करी का मान जब्त कर लिया। जो जयपुर से लाया जा रहा था।
मुख्य फाइनेंसर के घर से २०० किलो चांदी जब्त
२.७५ करोड़ रुपए का साढ़े पांच किलो सोना जब्त करने के बाद डीआरआइ ने जोधपुर के मुख्य फाइनेंसर के घर की तलाशी ली, जहां से दो सौ किलो चांदी भी जब्त की गई। इनके संबंध में कोई हिसाब किताब नहीं मिल सका।
ऑपरेशन कर निकाली पीठ से गोली
उधर, गोली लगने से घायल सुमेरसिंह का एमडीएम अस्पताल में ऑपरेशन किया गया। गोली उसकी पीठ में फंस गई थी। चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर गोली निकाली। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जाती है।
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