कोरोना से जोधपुर में अब हाहाकार, पहली बार 24 घंटे में 500 पार पॉजिटिव

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जोधपुर. सूर्यनगरी में कोरोना की रफ्तार पर लगाम लगाना नामुमकिन सा हो गया है। अब गुरुवार को एक साथ 502 नए संक्रमित सामने आ गए। महात्मा गांधी अस्पताल में 6 और एम्स में 1 मरीज की मौत हो गई। कोरोना की संख्या और बढ़ती मौतें अब राज्य सरकार के लिए चिंता का विषय बन गई है। महात्मा गांधी अस्पताल में गांधी स्कूल के पास के निवासी अमरनाथ बोहरा (70 ), महावीर नगर चिन्मय ( 66), रूपगर निवासी देवेन्द्र ( 52), महेश बोहरा ( 54), मंडोर निवासी सीताराम (33 ), माणक चौक निवासी संतोष ( 70) और एम्स में जोधपुर निवासी गौरी वल्लभ (83 ) की कोरोना से मौत हो गई। एमडीएम अस्पताल में भर्ती पावटा सी रोड निवासी राजकुमारी (74 ) की भी कोरोना से गुरुवार सुबह मौत हो गई। लेकिन पॉजिटिव रिपोर्ट मरणोपरांत आई। जोधपुर में अब तक 231 कोरोना संक्रमित की मौत हो चुकी है। जोधपुर में अब तक 16136 मरीज संक्रमित हो चुके है । जोधपुर में अभी 3496 मरीज घर व अस्पताल में कोरोना उपचार ले रहे है। इनमें ज्यादा रोगी होम आइसोलेशन में है।

कोरोना मीटर

अस्पताल- एमडीएम, एम्स जोधपुर, एमजीएच, बोरानाडा कोविड सेंटर, होम आइसोलेशन
कुल पॉजिटिव भर्ती-3496
पॉजिटिव से नेगेटिव-12411
डिस्चार्ज-12410
कुल मौतें-231


बैड की कमी नहीं तो क्यों बैड कम पड़ रहे? चिकित्सकों का इंतजाम हो जाएगा

जोधपुर. कोरोना महामारी में अस्पतालों और चिकित्सा सुविधाएं बेहतर बनाने की जिम्मेदारी अब प्रशासन ने अपने कंधों पर ले ली है। संभागीय आयुक्त डॉ. समित शर्मा व कलक्टर इंद्रजीतसिंह ने गुरुवार रात को महात्मा गांधी अस्पताल में कोविड वार्डों का जायजा लिया। साथ ही रात को डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में सभी विभागाध्यक्षों को आवश्यक मीटिंग बुलाई।
सूत्रों के अनुसार बैठक में संभागीय आयुक्त व कलक्टर ने कहा कि बैड की कमी की बात बार-बार सामने आ रही है। जबकि बैड किसी प्रकार से कम नहीं है। फिर बैड क्यों कम बताए जा रहे है। यदि चिकित्सकों की कमी है तो उसका इंतजाम हो जाएगा। जानकारी अनुसार सीएमएचओ एमडी किए हुए चिकित्सकों को अब अस्पताल लगाया जा सकता है। महात्मा गांधी अस्पताल में मरीजों के परिजनों की आ रही शिकायतों पर भी चर्चा हुई।

स्टाफ ने नहीं पहना पीपीई किट
एमजीएच में कोविड वार्ड में स्टाफ ने पीपीई किट तक नहीं पहना था। इससे खफा प्रशासनिक अधिकारियों ने मेडिकल स्टाफ को लताड़ भी लगाई। इसके अलावा कई जगह अव्यवस्था दिखने पर अधिकारी जिम्मेदारों को फटकारते नजर आए।

मेडिसिन के 60 प्लस उम्र के डॉक्टरों का विभागाध्यक्ष बनने से इनकार

सुबह डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल डॉ. जीएल मीणा के समक्ष मेडिसिन के डॉ. श्याम माथुर ने अपने विभागाध्यक्ष पद से इस्तीफा सौंपा। जानकारों की माने तो डॉ. आलोक गुप्ता ने भी विभागाध्यक्ष बनने से मना कर दिया। वहीं डॉ. मनोज लाखोटिया ने खुद को पहले से हार्ट पेशेंट बताया। वहीं ये मुद्दा संभागीय आयुक्त डॉ. समित शर्मा के समक्ष रात्रिकालीन मीटिंग में उठा। जानकारों की माने तो डॉ. शर्मा ने मना करते हुए प्रोटेक्शन के साथ कार्य करने को कहा। सभी को ड्यूटी करने को कहा। कोरोनाकाल में इन दिनों 60 वर्ष से अधिक वाले मेडिसिन के सीनियर्स डॉक्टर भयभीत हैं और वे कोरोना के भयावह रूप से इन दिनों खुद को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए ज्यादातर संक्रमित रेजिडेंट डॉक्टर्स आ रहे हैं।

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सभी विभागों के डॉक्टर्स देंगे कोविड-19 में सेवाएं

मीटिंग में ये भी स्पष्ट हुआ कि चिकित्सकों की यदि कमी है तो अब ऑफ्थलमोलॉजी व इएनटी सहित अन्य विभागों के चिकित्सक भी कोविड-19 वार्ड में अपनी सेवाएं देंगे। इसके लिए भी रूपरेखा बन गई है।

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एमडीएम अस्पताल में कोविड मरीज लाए जा रहे
अब एमडीएम अस्पताल के जनाना विंग में भी कोविड मरीज भर्ती करने का कार्य शुरू हो गया है। एमडीएम अस्पताल में करीब 3 सौ बैड कोविड-19 के मद्देनजर डवलप किए गए हैं। क्योंकि जोधपुर में कोरोना केस बढऩे लगे हैं।



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