जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय सामान्य स्ट्रीम यानी कला, वाणिज्य और विज्ञान संकाय के स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्र छात्राओं को प्रमोट करेगा। अंतिम वर्ष के छात्र छात्राओं के प्रमोशन का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के अधीन रहेगा। अगर न्यायालय का निर्णय परीक्षा के लिए आता है तो ऑनलाइन परीक्षाएं करवाई जाएगी। इसी प्रकार इंजीनियरिंग के संबंध में निर्णय अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षण संस्थान, बीएड के संबंध में नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर एजुकेशन, फार्मेसी के संबंध में नेशनल काउंसिल ऑफ फार्मेसी और विधि पाठ्यक्रमों के संबंध में बार काउंसिल ऑफ इंडिया का निर्णय मान्य होगा।
यदि संबंधित संस्थाएं परीक्षाओं के आयोजन का निर्णय लेती है तो विश्वविद्यालय ऑनलाइन परीक्षा लेगा। जेएनवीयू ने इसके लिए तैयारी कर ली है। प्रश्न पत्र 1 घंटे का होगा। इसमें 50 वस्तुनिष्ट प्रश्न पूछे जाएंगे। विवि के 1 वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम की परीक्षाएं आयोजित की जाएगी।
परीक्षा विभाग ने जारी किया आदेश
- जेएनवीयू में 6 अगस्त को हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक के बाद शुक्रवार को परीक्षा विभाग ने प्रमोट और परीक्षा के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए।
- प्रथम वर्ष के छात्र छात्राओं को द्वितीय वर्ष में प्रमोट करने के बाद द्वितीय वर्ष और तृतीय वर्ष की अंक तालिकाओं के आधार पर प्रथम वर्ष के अंक दिए जाएंगे।
- स्नातक द्वितीय वर्ष के अंक प्रथम वर्ष के अंक तालिका के साथ 5 प्रतिशत बोनस दिया जाएगा।
- स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के छात्र छात्राओं को भी प्रमोट करने का निर्णय किया गया है। इनको भी पूर्ववत परीक्षाओं के आधार पर अंक देने के साथ पांच फ़ीसदी बोनस अंक मिलेगा। यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय में यूजीसी द्वारा लगाई गई याचिका के अधीन रहेगा।
प्रायोगिक परीक्षा भी होगी
अगर सैद्धांतिक परीक्षा का आयोजन किया जाता है तो जेएनवीयू प्रायोगिक परीक्षा भी लेगा। इसके लिए मौखिक परीक्षा और एक्सटर्नल एग्जामिनर ऑनलाइन टेस्ट ले सकेगा। छात्र-छात्राओं को फिजिकली रूप से लैब में नहीं आना पड़ेगा।
1 सितंबर से शैक्षणिक सत्र
विश्वविद्यालय 1 सितंबर से शैक्षणिक सत्र शुरू करेगा। अगर कोविड-19 की स्थिति सामान्य हो जाती है तो कक्षाएं लगाई जाएगी अन्यथा ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की जाएगी।
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