जोधपुर. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) जोधपुर इस साल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी (एआई) व डाटा साइंस का स्कूल शुरू करने जा रहा है। इसमें एआई, डाटा साइंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेंट थिंग्स के एक्सीजेंसी सेंटर खुलेंगे, जिससे छात्र-छात्राओं के शोध को बढ़ावा मिलेगा। आइआइटी जोधपुर ने पिछले साल एआई में स्नातकोत्तर शुरू किया था। इस साल स्नातक पाठ्यक्रम भी शुरू किया जा रहा है, जिसमें एआई के साथ डाटा साइंस को भी शामिल किया गया है। वर्तमान में देश में केवल आइआइटी हैदराबाद में ही एआई में बीटैक पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है। मानव की सुख सुविधा में वृद्धि होने से आने वाला भविष्य मशीनों की बुद्धिमता यानी एआई का रहेगा इसलिए आइआइटी जोधपुर एआई क्षेत्र में अपने आपको हब के रूप में स्थापित करना चाहता है।
4 नए विषयों में बीटैक, कुल 8 विषयों में होगी
शैक्षणिक सत्र 2020-21 से आइआइटी जोधपुर में चार नए विषयों में बीटैक शुरू होने जा रहा है। एआई विषय के अलावा सिविल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग और मैटेरियल इंजीनियरिंग विषय में बीटैक शुरू होगी। इससे पहले इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, बायो इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर साइंस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विषय में बीटैक हो रही है। आइआइटी जोधपुर की स्थापना 2008 में हुई थी तब से चार विषय ही चले आ रहे थे।
टेक एमबीएम और मेडिकल टेक्नोलॉजी में पीजी
आइआइटी जोधपुर में इस साल से टेक्नोलॉजी एमबीएम का नया कोर्स शुरू हो गया है जो पूरे एशिया में अपनी तरह का पहला पाठ्यक्रम है। इसके अलावा मेडिकल टेक्नोलॉजी में पीजी व पीएचडी प्रोग्राम भी शुरू किया गया है। यह पाठ्यक्रम एम्स जोधपुर के सहयोग से संचालित होगा। आइआइटी के छात्र अपने कैंपस के साथ एम्स में भी कक्षाओं में जाएंगे।
1600 से 2200 छात्र
वर्तमान में आइआइटी जोधपुर में करीब 1600 छात्र छात्राएं हैं। चार नए बीटैक पाठ्यक्रम सहित पीजी के अन्य कार्यक्रम शुरू होने से इनकी संख्या बढकऱ 2200 हो जाएगी। पिछले एक साल में शिक्षकों की संख्या भी 71 से बढकऱ 140 तक पहुंच गई है।
‘वर्तमान दौर की प्रतिस्पद्र्धा से मुकाबला करने के लिए इस साल चार नए विषयों में बीटैक के अलावा नए विषयों में पीजी व पीएचडी शुरू की जा रही है।’
प्रो शांतनु चौधरी, निदेशक, आइआइटी जोधपुर
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