जोधपुर. अखंड सुहाग व मनोनुकूल वर की कामना से जुड़ा लोकपर्व बड़ी तीज (कजळी तीज ) गुरुवार को परम्परागत ढंग से मनाया जाएगा। सुहागिनें अखंड सौभाग्य व कुंवारी कन्याएं मनोनुकूल वर की कामना से तीज का व्रत रखेंगी। चन्द्रप्रधान व्रत रखने वाली तीजणियां दिन भर निराहर रहकर रात्रि चन्द्रोदय के दर्शन व पूजन कर व्रत का पारणा करेंगी। तीज का उद्यापन करने वाली तीजणियां परम्परानुसार सोलह तीजणियों को चने, चावल व जौ के आटे से निर्मित सत्तू भेंट कर उनसे अखंड सुहाग का आशीर्वाद प्राप्त करेंगी। मारवाड़ में लोक पर्व के रूप में मनाए जाने वाले पर्व की पूर्व संध्या पर तीजणियों में मेहंदी रचाने के प्रति खासा उत्साह नजर आया। पं. ओमदत्त शंकर ने बताया की जोधपुर का मौसम अनुकूल रहने पर गुरुवार को चन्द्रोदय रात 9.32 बजे होगा।
भीतरी शहर में धमोळी की रौनक फीकी
राज्य सरकार व जिला प्रशासन के निर्देश व गाइडलाइन के कारण परकोटे के भीतरी शहर में तीज की पूर्व संध्या को धमोळी की रौनक फीकी रही। व्रत रखने वाली तीजणियों के लिए विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से लागत दरों पर खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए तीज की पूर्व संध्या पर देर रात तक जगह जगह लगने वाली अस्थाई मिष्ठान और व्यंजनों की स्टॉलें इस बार नाम मात्र ही रही जो रात्रि 8 बजते ही बंद कर दी गई।
मंदिरों में नहीं हो सकेंगे दर्शन
वैश्विक महामारी कोरोना के कारण तीजणियां इस बार समूह के रूप में तीज से जुड़ी पौराणिक कथाओं का श्रवण नहीं कर पाएगी। सूर्यास्त के बाद चन्द्रोदय तक कृष्ण मंदिरों व शिवालयों के कपाट बंद होने से तीजणियां दर्शन भी नहीं कर सकेगी।
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