जोधपुर. केन्द्रीय कारागार जोधपुर की महिला जेल को कोरोना आइसोलेशन वार्ड में तब्दील करने से अब महिला बंदियों के लिए जगह नहीं बची है। यही वजह है कि जोधपुर जिले की महिला आरोपियों को अजमेर के केन्द्रीय कारागार में भेजा जा रहा है।
दरअसल, कोरोना की आशंका के चलते लॉक डाउन में ही जोधपुर सेन्ट्रल जेल की महिला जेल को खाली कर क्वॉरंटीन सेंटर बना महिला बंदियों को अजमेर जेल स्थानान्तरित कर दिया गया था। इससे न्यायिक अभिरक्षा में भेजी जाने वाली महिला आरोपियों को रखने का संकट उत्पन्न हो गया था। इसलिए जोधपुर जिले के किसी भी पुलिस स्टेशन या अन्य जांच एजेंसी के मार्फत कोर्ट के आदेश से न्यायिक अभिरक्षा में भेजने वाली महिलाओं को अजमेर जेल में रखने का निर्णय किया गया। यही वजह है कि कृषि विभाग में एएओ की हत्या कर शव काटकर सीवरेज लाइन में बहाने वाली तीनों बहनों को बनाड़ थाना पुलिस ने मंगलवार को अजमेर जेल में बंद कराया था।
महिला जेल में नए बंदी हो रहे क्वॉरंटीन
कोविड-१९ जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही पुरुष बंदी जेल में दाखिल करवाए जा रहे हैं। उन्हें चौदह दिन के लिए महिला जेल में क्वॉरंटीन रखा जाता है। उसके बाद फिर जांच होती है और नेगेटिव आने पर ही मुख्य जेल में शिफ्ट किया जाता है। जेल अधीक्षक कैलाश त्रिवेदी का कहना है कि महिला जेल में नए बंदियों का आइसोलेशन सेंटर बनाया हुआ है। जिले की महिला आरोपियों को अजमेर जेल में रखा जा रहा है।
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