जोधपुर. रेल मंत्रालय द्वारा देश में अगले कुछ सालों में निजी ऑपरेटर से ट्रेन संचालन शुरू करवाने के साथ ही उन ट्रेनों के मेंटिनेंस की तैयारी की जा रही है। रेलवे बोर्ड ने जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों को प्राइवेट ट्रेन प्रोजेक्ट के मेंटिनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए यार्ड, वॉशिंग लाइन के लिए अलग जमीन तलाशने को कहा है। रेलवे बोर्ड ने सभी जोन के महाप्रबंधकों से कहा है कि इन ट्रेनों के आरंभिक व आखिरी स्टेशनों को चिन्हित कर रेलवे बोर्ड को बताया जाए। इसके साथ ही मौजूदा रेलवे की वॉशिंग लाइनों में दो घंटे का समय इनके लिए रखा जाए।
12 क्लस्टर में बांटा देश के रेलवे नेटवर्क को
रेलवे ने देशभर में रेलवे नेटवर्क को 12 कलस्टर में बांटकर 109 रूट पर निजी ट्रेनों को चलाने का मसौदा जारी किया है। जिसके अनुसार, प्राइवेट ऑपरेटर को कम से कम 16 कोच और अधिकतम कोच की संख्या रूट के हिसाब से तय करनी होगी। रेलवे की मौजूदा ट्रेनों के साथ जब 224 प्राइवेट ट्रेनें भी दौड़ेगी, तो इनके रखरखाव, धुलाई आदि की जिम्मेदारी निजी ऑपरेटर पर ही होगी। इसके लिए रेलवे जगह मुहैया कराएगा। उत्तर पश्चिम रेलवे में मेंटिनेंस डिपो के लिए जयपुर व अजमेर को प्राथमिकता दी है।
7 अगस्त तक मांगी जानकारी
रेलवे बोर्ड के प्रमुख कार्यकारी निदेशक (कोचिंग) मधुकुमार रेड्डी ने सभी जोनल महाप्रबंधकों को प्रस्तावित ट्रेनों की सूची भेजते हुए 7 अगस्त तक उन स्टेशनों पर जमीन का ब्यौरा सहित अन्य जानकारी मांगी है। जहां निजी ऑपरेटर ट्रेनों के लिए सुविधा विकसित कर सकते है।
ये सुविधाएं होगी मेंटिनेंस डिपो में
रेलवे बोर्ड ने जोनल महाप्रबंधकों को मेंटिनेंस डिपो का ले आउट भेजा है। जिसके अनुसार, मेंटिनेंस डिपो में मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स मेंटिनेंस रुम्स, टूल रूम, स्पेयर पाट्र्स रूम, डीजी सेट रूम, कम्प्रेशर रूम व ऑफिस आदि होने चाहिए
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