गणेश मूर्ति के निर्माणकर्ता भी आर्थिक संकट में

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

नंदकिशोर सारस्वत

जोधपुर. विघ्न विनाशक गणपति के जन्मोत्सव के लिए मिट्टी की प्रतिमाओं का निर्माण करने वाले परिवार वैश्विक महामारी कोरोना के कारण आर्थिक संकट झेलने को मजबूर है। इस बार 22 अगस्त से 1 सितम्बर तक मनाए जाने वाले गणपति उत्सव के लिए जोधपुर के अधिकांश कारीगरों की ओर से प्रतिमाओं का निर्माण कार्य बंद है। नाम मात्र मूर्तिकारों के पास पिछले साल की तुलना में 5 प्रतिशत भी ऑर्डर नहीं मिला है। जोधपुर के नेहरू पार्क के पीछे स्थित दुर्गा बाड़ी में हर साल गणेश चतुर्थी से एक माह पूर्व बंगाली कारीगरों की ओर से निर्मित की जाने वाली इको फे्रंडली मूर्तियों का निर्माण कार्य तो पूरी तरह ठप है। सिवांची गेट प्रताप नगर रोड भीखा प्याऊ क्षेत्र के मूर्तिकार शंकर चौहान ने बताया कि उनका पूरा परिवार पीढिय़ों से गणपति की मूर्तियां बना रहा है। पहले प्लास्टर आफ पेरिस की मूर्तियों पर प्रतिबंध और अब कोरोना महामारी के कारण ऑर्डर नहीं मिलने से आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। उनका कहना है की सरकार को मूर्तिकारों के लिए कुछ विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।

घरों में मूर्ति स्थापन लेकर असमंजस की स्थिति
गणपति पूजन के लिए इस बार घरों में स्थापित होने वाली मूर्तियों को लेकर जिला प्रशासन की ओर से निर्देश नहीं होने से असमंजस की स्थिति है। हर साल गणपति महोत्सव के दौरान घरों व मोहल्लों में स्थापित छोटी -बड़ी करीब पांच हजार मूर्तियों को अनंत चतुर्दशी के दिन जोधपुर के गुलाब सागर सहित विभिन्न जलाशयों में विसर्जन किया जाता है। शिवसेना से जुड़े वरिष्ठ सदस्य वीरेन्द्रदेव अवस्थी ने बताया की 1993 से हर साल जालोरीगेट पर गणपति की मुख्य प्रतिमा विराजित होती रही है। इस साल भी लघु स्वरूप में परम्परा निर्वहन के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी जाएगी।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/314mqXL
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment