जोधपुर. सामाजिक समरसता के प्रतीक लोक देवता बाबा रामदेव का अवतरण दिवस भाद्रपद शुक्ल द्वितीया (बीज) गुरुवार को श्रद्धापूर्वक मनाया गया। बाबा के भक्तों ने इस बार घरों में ही पूजन कर कोरोना महामारी से समूचे विश्व को मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की। मसूरिया स्थित बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ के समाधि मंदिर में ब्रह्मवेला में बिना दर्शनार्थियों के 109 ज्योत से शृंगार व 51 ज्योत से संध्या आरती की गई। हर साल बाबा के अवतरण दिवस पर लघु कुंभ क्षेत्र सा नजर आने वाला मंदिर परिसर वीरान नजर आया। मसूरिया स्थित बाबा रामदेव मंदिर में वर्ष में केवल एक बार होने वाली शृंगार महाआरती में हर साल करीब पांच से सात लाख लोग शामिल होने पहुंचते है। सुबह 11 बजे मंदिर शिखर पर सादगीपूर्ण तरीके से ध्वजारोहण किया गया। जातरुओं और बाबा के भक्तों के पहुंचने की आशंका के चलते समूचे क्षेत्र के पहले ही लॉकडाउन कर मंदिर तक आने वाले सभी रास्तों को बेरिकेडिंग कर सील कर दिया था। प्राकट्य दिवस की पूर्व संध्या पर ही मंदिर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस व होमगाड्र्स का जाब्ता तैनात कर दिया गया। उसके बावजूद भी कुछ जातरू मंदिर तक पहुंचने में कामयाब हुए लेकिन प्रवेश द्वार के बाहर से ही शीश नवाया। मसूरिया बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ मंदिर का संचालन करने वाले पीपा क्षत्रिय समस्त न्याति सभा ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्र चौहान ने बताया की बाबा के अवतरण दिवस पर राज्य सरकार और जिला प्रशासन की गाइडलाइन की पालना करते हुए शृंगार आरती में ट्रस्ट व पुजारी सहित कुल पांच लोग ही शामिल हुए। आस्था की प्रतीक माने जाने वाली मसूरिया परचानाडी और मसूरिया मेला परिसर भी बाबा के भक्तों के अभाव में वीरान नजर आया।
रामदेव मंदिरों में आरती
सूर्यनगरी के रामदेव मंदिरों में भी बाबा रामदेव अवतरण दिवस सादगी से मनाया गया। राईका बाग स्थित युगल जोड़ी बाबा रामदेव मंदिर में सैनाचार्य अचलानंदगिरी के सान्निध्य में अलसुबह बाबा रामदेव एवं रानी नेतल प्रतिमा का पंचामृत अभिषेक कर ध्वजारोहण किया गया। नागौरीगेट के अंदर जालोरियों का बास स्थित अधरशिला बाबा रामदेव मंदिर में आरती की गई।
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