आजादी की जंग में जोधपुर के जांबाज दीवानों में शामिल थे अचलेश्वर 'मामा

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जोधपुर. मारवाड़ (जोधपुर) रियासत के सामंतशाही युग के तेजस्वी पत्रकार और स्वतंत्रता संग्राम के सूत्रधार अचलेश्वर प्रसाद शर्मा 'मामाÓ के नाम से विख्यात हुए। पुष्करणा परिवार में 1907 में जन्मे अचलेश्वर ने भरतपुर के महान स्वतंत्रता सेनानी गोकुल वर्मा की पुत्री कृष्णादेवी से सन् 1935 में विवाह किया। अचलेश्वर प्रसाद राजाशाही व सामंती जागीरदारों के कट्टर विरोधी रहे।
1938 में उन्होंने ब्यावर से प्रकाशित तरूण राजस्थान में संपादकीय कार्य प्रारंभ किया। मारवाड़ लोक परिषद स्थापना के मजबूत स्तंभ शर्मा ने 1928 से 1937 तक तरूण राजस्थान के अतिरिक्त आगरा से निकलने वाले पत्र सैनिक में संयुक्त संपादक की तरह 3 वर्षों तक रहे। राष्ट्रीय चेतना के लिए जनमत को प्रशिक्षित करने और शोषित मानवता की आकांक्षाओं को स्वर व वाणी देने के लिए विशुद्ध भावना से पत्रकारिता के फर्ज का निर्वाह किया। सन् 1928 से 1937 तक 9 वर्षो में 5 वर्ष जेल की कठोर यातनाएं सही। बिजौलिया किसान आंदोलन में सामंतशाही जुल्मों के शिकार हुए। वर्ष 1930 में पहली बार नमक सत्याग्रह में भी गिरफ्तार होकर एक वर्ष तीन माह की सजा काटी तथा 1932 में ब्यावर कांग्रेस के डिक्टेटर के रूप में आंदोलन में एक वर्ष की सजा काटी। वर्ष 1937 में जोधपुर राज्य प्रजामंडल के अध्यक्ष के रूप में गिरदीकोट की सभा में अकालग्रस्त लोगों के विद्रोह भड़काने के आरोप में ढाई वर्ष की सजा हुई। वर्ष 1940 में उन्हें पुन: एक वर्ष तक नजरबंद रखा। जेल से मुक्त होकर प्रजासेवक साप्ताहिक का प्रकाशन आरंभ किया। प्रजासेवक साप्ताहिक राजपूताने का प्रमुख व प्रभावशाली पत्र बन गया। अचलेश्वर प्रसाद शर्मा की एक विशेषता यह थी कि लेखनी के धनी थे जिन्होंने कभी झुकना नहीं सीखा। वर्ष 1942 के लोक परिषद के आंदोलन में उन्हें गिरफ्तार कर दो वर्षो तक जेल में रखा।

आजादी के बाद
आजादी के बाद कुछ महीनों तक मुख्यमंत्री जयनारायण व्यास के नेतृत्व में कार्य किया। वर्ष 1971 में इंदिरा गांधी ने अचलेश्वर प्रसाद शर्मा को 30 हजार रुपए की राशि भेंट कर नागरिक अभिनंदन किया। यह उनको समाज सेवा व जनजागृति के उपलक्ष्य में सम्मान था। सन 1972 में अचलेश्वर प्रसाद शर्मा को प्रधानमंत्री ने ताम्रपत्र भेंटकर सम्मान दिया। उनकी धर्मपत्नी कृष्णादेवी भी स्वतंत्रता सेनानी थी। शर्माजी हरिजन सेवक संघ के अध्यक्ष भी रहे। वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सदस्य भी रहे।



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