जोधपुर में शुरू हुआ अनूठा अभियान, जल्द बनेगा सिरमौर

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. 7 हजार से ज्यादा संक्रमित और इनमें से 5 हजार से अधिक डिस्चार्ज हो गए। कुछ लोगों की जिंदगियां भी नहीं बच पाई। आगे कोरोना से स्थितियां किस हद तक भयावह होगी यह कहा नहीं जा सकता। लेकिन जिन्होंने कोरोना से जंग जीती है अब एक दायित्व उनका भी बनता है। इंसानियत के नाते यदि एक छोटा सा प्लाज्मा दान यदि वे लोग करते हैं तो किसी गंभीर मरीज की जिंदगी भी बचाई जा सकती है।

राजस्थान सरकार ने जयपुर, उदयपुर, कोटा और जोधपुर संभाग मुख्यालय पर प्लाज्मा थैरेपी से उपचार की कवायद बहुत पहले शुरू कर दी। प्लाज्मा बैंक भी बनाया गया। लेकिन इसे लोगों का भय कहें या जागरूकता की कमी कि ज्यादातर स्थानों पर महज चंद लोग भी प्लाज्मा डोनेट करने पहुंचे। जोधपुर में तो यह आंकड़ा सिर्फ 47 है। इनमें भी कुछ चिकित्सा स्टाफ है जो कि प्लाज्मा डोनेशन की अहमियत जानता है।

एम्स में 30 और मेडिकल कॉलेज में 17
जिला परिषद सीइओ व नोडल अधिकारी इंद्रजीतसिंह यादव बताते हैं कि एम्स में 30 और मेडिकल कॉलेज में 17 लोगों ने प्लाज्मा डोनेट किया है। प्रतिदिन करीब 100 जनों को फोन लगाकर बात की जा रही है। रिकवर हुए ऐसे मरीज जो सिप्टोमेटिक होने चाहिए। युवा हों और जिनका हीमोग्लोबिन ठीक हो, बीमारी न हो, पॉजीटिव होने के बाद नेगेटिव रिपोर्ट को भी 14 दिन से ज्यादा हो गए हैं, उन्हें पात्र माना जा रहा है।

फैक्ट फाइल

- 5800 से ज्यादा रिकवर।
- 47 प्लाज्मा डोनेशन हुआ अब तक।

- 13 कोरोना सर्वाइवर को तैयार किया है डोनेशन के लिए, इनका एंटीबॉडी टेस्ट होना है।
- 100 से ज्यादा लोगों से प्रतिदिन फोन पर बात कर प्लाज्मा डोनेशन की पात्रता जांची जा रही।

नजीर बनें

ऐसे लोग जो अब तक प्लाज्मा डोनेट करने आए हैं उनको प्रोत्साहन जरूरी है। जोधपुर प्लाज्मा डोनेशन में एक नजीर बने यह हमारा प्रयास हैं और भी लोगों को प्रेरणा लेकर इस लाइफ सेविंग काम में आगे आना चाहिए।
- इंद्रजीतसिंह, जिला कलक्टर, जोधपुर।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3a3mdGY
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment