इक्का-दुक्का वाहन, सुनसान सड़कें, नाकों पर पुलिस

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. सत्तर दिन तक लगातार लॉक डाउन और दो माह अनलॉक के बाद शनिवार को एक बार फिर शहर व आस-पास के क्षेत्र में लॉक डाउन रहा। शहरभर में आवागमन के साथ ही व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। इक्का-दुक्का वाहन को छोड़ अधिकांशत: दिनभर सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। भीड़-भाड़ वाले बाजार एक बार फिर सुनसान रहे। हर थाना क्षेत्र में फिर से नाकों पर पुलिस तैनात रही। बगैर आवश्यक सेवाओं के सड़कों पर निकलने वाले वाहन चालकों के चालान बनाए गए।

बाजारों में फिर सन्नाटा पसरा
शहर का प्रमुख त्रिपोलिया बाजार, सोजती गेट, नई सड़क, घंटाघर, एमजीएच व हाईकोर्ट रोड, सरदारपुरा बी, सी रोड, चौपासनी रोड, आखलिया चौराहा आदि क्षेत्रों में दुकानों के शटर तक नहीं खुले। बाजारों में सन्नाटा नजर आया। प्रमुख मार्गों पर दूर-दूर तक कोई भी व्यक्ति नजर नहीं आ रहा था।

जगह-जगह नाके व पुलिस
लॉक डाउन की पालना करवाने के लिए एक बार फिर कमिश्नरेट के प्रत्येक थाना क्षेत्र में दो-दो तीन-तीन नाके लगा दिए गए। वहां मौजूद पुलिस के अधिकारी व जवान सड़कों पर निकलने वाले वाहन चालकों को रोककर कारण जानते नजर आए। बगैर आवश्यक कार्य वाले वाहन चालकों के चालान बनाए गए।

डीसीपी रहे गश्त पर, नाकों पर आमजन से अपील की
लॉक डाउन के सफल क्रियान्वयन के लिए पुलिस उपायुक्त (पूर्व) धर्मेन्द्रसिंह यादव सुबह से जिले में गश्त पर रहे। इस दौरान उन्होंने पावटा चौराहा स्थित नाके से निकलने वाले वाहन चालकों से रोककर कारण जानें। साथ ही लॉक डाउन में अति आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से निकलने का आग्रह किया।

बाहरी नाकों से शहर में आने वालों पर भी सख्ती
सुबह से न सिर्फ शहर के भीतर बल्कि बाहरी नाकों पर पुलिस तैनात रही। शहर में आने वाले हर वाहन चालकों को रोका गया और अति आवश्यक कार्य होने पर ही प्रवेश दिया गया। बनाड़, मण्डोर, चौपासनी गांव, पाली रोड, बोरानाडा और डीपीएस चौराहे के पास नाकों पर सख्ती से जांच की गई।

मंदी से फिर आशंकित व्यापारी
एक जून से अनलॉक के साथ ही बाजार खुलने शुरू हुए थे। लॉक डाउन से उपजी मंदी की मार से व्यवसायी अभी तक उबर भी नहीं पाए हैं। अब फिर से शनिवार व रविवार को लॉक डाउन के निर्णय ने व्यवसायियों के सिर पर चिंता की लकीरें ला दी। व्यापारी दो दिन लॉक डाउन के बाद तीसरे दिन व्यवसाय के गति पकडऩे से आशंकित हैं। उन्हें यह चिंता सताए जा रही है कि सप्ताहांत का लॉक डाउन आगे और रहा तो हालत बद से बदतर हो जाएगी।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/33JXarp
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment