जोधपुर. कोरोना के चलते रोडवेज में यात्री भार की हालत सुस्त हालत अब धीरे-धीरे पटरी पर लौटने की ओर अग्रसर है। लेकिन प्रदेश भर में कम मैकेनिकों की समस्या विभाग के लिए सिरदर्द बना हुआ है। मैकेनिकों की संख्या कम होने से अधिकतर डिपो में बसों की समय पर मरम्मत नहीं होने की शिकायत रही है तथा उसके कारण बसों के शेड्यूल कम चलने के कारण आय कम होती है। इसको लेकर मुख्यालय मंथन में जुटा है। प्रदेश के सभी डिपो के वर्कशॉप संचालकों की बैठक ली तथा डिपो में मैकेनिकों की संख्या की जानकारी ली। जिससे की कही मैकेनिक ज्यादा है तो उन्हें अन्य डिपो में ट्रांसफर किया जा सके। डिपो कम मैकेनिकों की समस्या का कुछ हद तक समाधान हो सके।जोधपुर डिपो की स्थितिजोधपुर डिपो में वर्तमान में फस्र्ट ग्रेड का एक भी मैकेनिक नहीं है। सैकेण्ड गेे्रड के भी सिर्फ छह मैकेनिक है तथा थर्ड ग्रेड के 18 मैकेनिक कार्यरत है। जिनके कंधों पर डिपो की खस्ताहाल बसों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी है।
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