जिस प्लाज्मा डोनेशन पर सरकार डाल रही झोल, उसमें एेसी पोल...

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जोधपुर.

प्लाज्मा डोनेशन अभियान जिस पर राज्य सरकार का भी फोकस है और जिला प्रशासन भी अभियान चला रहा है। लेकिन धरातल पर स्थिति काफी उलट है। जो लोग स्वैच्छा से डोनेशन के लिए पहुंच रहे हैं उनको नेगेटिव रिपोर्ट लानी जरूरी है, जबकि दूसरी ओर एक बार पॉजिटिव आने के बाद दूसरी बार चिकित्सा विभाग की ओर से सैम्पलिंग ही नहीं हो रही।

‘राजस्थान पत्रिका’ के जागरूकता अभियान ‘दान करो, जिदंगियां बचाओ’ में लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। इसी के तहत जब एक युवा अपना डोनेशन करने के लिए पहुंचे तो जानकारी हुई कि उनकी नेगेटिव रिपोर्ट नहीं है, वह लाना जरूरी है। जबकि पॉजिटिव आने के बाद पुन: सैम्पलिंग हुई ही नहीं, ऐसे में नेगेटिव रिपोर्ट कहां से लाए। उड़ान फाउंडेशन के अध्यक्ष वरूण धनाडिया ने जब ऐसे युवाओ को प्रेरित कर डोनेशन के लिए तैयार किया तो यह जानकारी सामने आई। ऐसे एक-दो केस नहीं है, बल्कि सैकड़ों की संख्या में लोग हैं जिनके एक बार संक्रमित होने के बाद दूसरी बार 10 या 14 दिन में डिस्चार्ज कर दिया जाता है, लेकिन सैम्पलिंग नहीं होती।

खुद करवानी है सैम्पलिंग
चिकित्सा प्रशासन का इस बारे में कहना है कि संक्रमित को डिस्चार्ज होने के बाद नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में खुद सैम्पलिंग करवा नेगेटिव रिपोर्ट प्राप्त करनी है। इस रिपोर्ट के बाद ही एंटीबॉडी टेस्ट होता है इसके बाद पता चलता है कि वह व्यक्ति प्लाज्मा डोनेट कर सकता है या नहीं।

पहले प्रोत्साहित करते हैं फिर अड़चन

दरअसल, प्लाज्मा डोनेशन के लिए पहले ही लोगों को प्रोत्साहित करना एक चेलैंज है। जिसे जिला प्रशासन ने हाथ में लिया है। कई स्वयंसेवी संगठन इसके लिए काम कर रहे हैं। पत्रिका ने भी लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया, लेकिन प्रोत्साहित होने के बाद जब लोग पहुंचते हैं तो नेगेटिव रिपोर्ट मांगे जाने पर यह अभियान सफल नहीं होता।

पाली में जागरूक हुए लोग पहुंच रहे जोधपुर
इधर, पाली शहर में प्लाज्मा डोनेशन के लिए जागरूक हुए लोग जोधपुर पहुंच रहे हैं। पिछले दो दिन में 9 जनों ने यहां पहुंच डोनेशन किया है। पूर्व पार्षद किशोर सोमनानी ने बताया कि पाली विधायक ज्ञानचंद पारख ने प्रेरित कर रविवार को भावेश सोनी, संजय सैन, मोहम्मद हुसैन, अभय छाजेड़ और महेन्द्र कुमावत को जोधपुर भेजा। उनका यहां एम्स में प्लाज्मा डोनेशन हुआ। सोमनानी ने बताया कि वहां से ऐसे लोग जो कि डोनेशन करना चाहते हैं उनके एंटीबॉडी टेस्ट के लिए सैम्पल साथ लेकर आते हैं, ताकि उनका भी ज्यादा समय खराब न हो।



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