इस चर्चित होटल में हुआ था पहला समलैंगिक विवाह, फिल्म अभिनेता अक्षयकुमार भी रुके थे एक महीना

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जैसलमेर. पिंजरा तो पिंजरा है..भले ही सोने का हों। तीज-त्यौहार के दिनों में शुक्रवार को मनभावन सावन जैसलमेर के चारों झूम कर बरस रहा था और मुख्यमंत्री पक्ष के विधायकों को आगामी १४ दिन तक इस होटल में कैद कर लिया गया। तमाम वीवीआईपी स्तर की सुविधाएं होगी लेकिन पिंजरे से बाहर आने की इजाजत नहीं।

यह सोने का ङ्क्षपजरा है स्वर्णनगरी जैसलमेर का सूर्यागढ़ होटल। सोनार किले की शक्ल का शहर के करीब १८ किमी दूर बने होटल के दस किमी के दायरे में आबादी नगण्य है। इतना अभेद्य कि सुरक्षा को लेकर कोई चूक की गुंजाइश नहीं रखी है। मुख्यंमत्री सहित विधायकों के यहां पहुंचने से पहले ही पुलिस-प्रशासन पांवों पर दौडऩे लगा है। राजस्व मंत्री हरीश चौधरी एवं अल्पसंख्यक मामलात मंत्री शाले मोहम्मद को जिम्मा दिय गया है और जैसलमेर विधायक रूपाराम भी मेहमाननवाजी में लगे है। होटल के चप्पे-चप्पे पर नजर के साथ ही अंदर कैद विधायकों के आस-पास अवांछित परिंदा भी पर नहीं मार पाए ऐसे इंतजाम है।

इस होटल को क्यों चुना
-९० कमरों की होटल किले से कम नहीं
- १५-२० हजार प्रतिदिन सामान्य कमरे का किराया
- ३५ हजार तक के है सुईट रूम
- ०५ सितारा के समकक्ष है होटल की व्यवस्थाएं
-१८ किमी दूर होने से सुरक्षित
- ०१ हैलीपेड की सुविधा
- स्वीमिंगपूल, जिम, स्पॉ सहित आधुनिक सुविधाएं

चर्चित रही है होटल
-बीते साल यहां अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद यहां एक शादी में आए थे, तब अमेरिका सुरक्षा एजेंसियों ने इसको अभेद्य रखा था
- इस होटल में पहला समलैंगिक विवाह हुआ था, जिसको लेकर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम चर्चित रहे थे
- होटल में पूर्व में मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शिवरासिंह और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधराराजे भी रुके हुए है
- अक्षयकुमार की फिल्म हाऊसफुल-४ की अधिकांश इनडोर शूटिंग यहां हुई थी,जिसमें अक्षयकुमार सहित फिल्म टीम एक महीना यहां रहे, उस वक्त भी गैरवांछित व्यक्ति होटल में कदम नहीं रख सके

होटल के साथ बजरी कारोबार
होटल मालिक मेघराजङ्क्षसह का जैसलमेर व बीकानेर में भी होटल का कारोबार है, साथ ही बजरी के भी ठेकेदार है।

तीन मंत्री और ये विधायक आए पहले
दोपहर बाद जैसलमेर पहुंचने वाले विधायकों में तीन मंत्री हुए हरीश चैधरी, शाले मोहम्मद व टीकाराम जूली शामिल थे। जानकारी के अनुसार उनके साथ यहां आने वाले विधायकों में जैसलमेर विधायक रूपाराम धणदे, उप मुख्य सचेतक महेंद्र चैधरी, संदीप यादव, राजकुमार रोत, बाबूलाल नागर, संयम लोढ़ा, रीटा चैधरी, रामप्रसाद डिंडोर, हाकम अली, जाहिदा खान, वाजिब अली, महेंद्र विश्नोई, गंगा देवी, गोपाल मीणा, अमीन कागजी, रामकेश मीणा, राजकुमार गौड़, कांति मीणा, दीपचंद खेरिया, खिलाड़ी लाल बैरवा, मीना कंवर, मनीषा पंवार, राजेंद्र गुढ़ा, लाखन मीणा, रामलाल जाट, भरत सिंह कुंदनपुर, दयाराम परमार दानिश अबरार, प्रशांत बैरवा, इंदिरा मीणा, रोहित बोहरा शामिल थे।

कड़े रहे सुरक्षा प्रबंध
नाजुक दौर में जैसलमेर पहुंचे विधायकों की सुरक्षा और किसी बाहरी को उन तक न पहुंचने देने के पुख्ता प्रबंध पुलिस व अन्य एजेंसियों की ओर से किए गए हैं। जैसलमेर एयरपोटज़् और होटल सूयाज़्गढ़ पर अचूक बंदोबस्तों के चलते किसी को विधायकों के पास जाने की अनुमति नहीं थी।



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