जोधपुर. पिछले 33 साल से प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों को प्रशिक्षण दे रहे 8 कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन (सीटीई) इस साल बंद हो जाएंगे। राजस्थान सरकार के वित्त विभाग की रिपोर्ट के बाद केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब शिक्षा मंत्रालय) ने ७ अगस्त को जारी अपनी रिपोर्ट में इस पर मुहर लगा दी है। सरकार की ओर से अनुदान नहीं मिलने पर इन आठों सीटीई में कार्यरत ६८ शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की नौकरी भी समाप्त हो जाएगी। अब शिक्षकों को प्रशिक्षण राज्य शैक्षणिक एवं अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद (सर्ट) उदयपुर में दिया जाएगा।
वर्ष १९८६ में केंद्र सरकार की ओर से नई शिक्षा नीति लागू करने के बाद ये सीटीई स्थापित किए गए थे। यहां ९वीं और १० वीं के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाता था। राज्य के वित्त विभाग की ओर से दो साल तक इन आठ सीटीई की जांच की गई, जिसमें पाया गया कि यहां शिक्षकों को ढंग से प्रशिक्षण नहीं मिलता है और न ही यहां कार्यरत शिक्षक प्रशिक्षक कोई ठोस कार्य कर रहे हैं।
बीएड-एमएड भी पढ़ा रहे थे शिक्षक प्रशिक्षक
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ सीटीई में शिक्षक प्रशिक्षक वहां चल रहे बीएड और एमएड पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को पढ़ाकर संबंधित कॉलेज प्रबंधन का पैसा बचाते थे। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस पर भी आपत्ति की थी।
पहली से बारहवीं के शिक्षकों का प्रशिक्षण केवल उदयपुर में
पूर्व शिक्षक जितेंद्र शर्मा ने बताया कि अब तक पहली से आठवीं के शिक्षकों को डाइट, ९वीं व १०वीं के शिक्षकों को सीटीई और ११वीं व १२वीं के शिक्षकों को राजकीय उच्च अध्ययन संस्थान अजमेर व बीकानेर में प्रशिक्षण दिया जाता था। अब सभी शिक्षकों को सर्ट उदयपुर में ही प्रशिक्षण मिलेगा।
ये 8 सीटीई बंद हुए
१ हरीभाऊ उपाध्याय महिला टीटी कॉलेज हटुंडी, अजमेर
२ आर्य विद्यापीठ महिला टीटी कॉलेज भुसावर, भरतपुर
३ बुनियादी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय सरदारशहर, चूरु
४ जीवी शिक्षा महाविद्यालय संगरिया, हनुमानगढ़
५ श्री अग्रसेन स्नातकोत्तर शिक्षा महाविद्यालय जामडोली, जयपुर
६ शाह गोवर्धन लाल काबरा शिक्षक महाविद्यालय, जोधपुर
७ विद्या भवन गोविंदराम एस. शिक्षक महाविद्यालय उदयपुर
८ लोकमान्य शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय डबोक, उदयपुर
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