देश के 15 जिलों में हॉपर, टिड्डी की प्रथम पीढ़ी तैयार

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जोधपुर. भारत में मानसून के प्रवेश के साथ जुलाई महीने में टिड्डी ने अण्डे देने शुरू किए थे, जिससे अब हॉपर निकल रहे हैं। राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में हॉपर की भरमार हो गई है। यहां 13 जिलों में लगभग प्रतिदिन हॉपर पर पेस्टीसाइड स्प्रे करके मारा जा रहा है। सर्वाधिक अण्डे बाड़मेर क्षेत्र में दिए गए हैं। उसके बाद बीकानेर में अंडों की भरमार है। प्रदेश में जैसलमेर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, नागौर, पाली, सिरोही, जालोर, चूरू, सीकर, हनुमानगढ़ और झुंझनूं में हॉपर बैंड बन गए हैं। हरियाणा के भिवानी और गुजरात के कच्छ में भी टिड्डी ने अण्डे दिए। अब तक 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में हॉपर मारे गए हैं।

अब तक किस जिले में कितने हॉपर मारे गए
जिले का नाम -------------क्षेत्रफल हेक्टयर में
बाड़मेर ---------------- 8534
बीकानेर ---------------- 7590
जोधपुर ---------------- 6972
चूरू ---------------- 4505
जैसलमेर ----------------4211
नागौर ----------------2178
श्रीगंगानगर ----------------1880
झुंझनूं ---------------- 1458
जालोर ---------------- 920
पाली ----------------870
हनुमानगढ़ ----------------670
सीकर ---------------- 180
सिरोही ---------------- 10
कच्छ ---------------- 1500
भिवानी ---------------- 10

भारत-पाक में टिड्डी नहीं, अफ्रीका में बड़े दल
संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य एवं कृषि संगठन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत व पाकिस्तान में टिड्डी नहीं है। पाकिस्तान तो पूरा साफ दिखाया गया है। आधे राजस्थान में टिड्डी के अण्डों से निकले हॉपर की भरमार है। वर्तमान में खाड़ी देश यमन में टिड्डी दल मौजूद है जिनके मानसूनी हवा के साथ उडकऱ भारत आने की आशंका है। अफ्रीका के सोमालिया, केन्या और इथोपिया में फिर से टिड्डी हो गई है जो पश्चिमी अफ्रीका की तरफ भी बढ़ रही है।

बांसवाड़ा अजेय
देश में प्रथम टिड्डी दल जैसलमेर के रास्ते 30 अप्रेल को रिपोर्ट हुआ। उसके बाद टिड्डी राजस्थान के 32 जिलों तक पहुंच गई लेकिन बांसवाड़ा नहीं पहुंच पाई। नई पीढ़ी के भी वहां जाने के आसार नहीं है।

142 जिलों में 5 लाख हेक्टयर में टिड्डी का सफाया
पिछले 4 महीनों में देश के 142 जिलों के 5.10 लाख हेक्टयर क्षेत्रफल में टिड्डी का सफाया किया गया है। राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, छतीसगढ़ और बिहार में टिड्डी पहुंची। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में भी आई। दिल्ली के ऊपर से होकर निकल गई। टिड्डी मारने के लिए 3 लाख 41 हजार 807 लीटर पेस्टीसाइड का उपयोग किया गया। नब्बे फीसदी पेस्टीसाइड राजस्थान में उपयोग में हुआ। कुल मिलाकर 4025 स्पॉट पर टिड्डी मारी गई।

बिहार के भी 7 जिलों तक पहुंच गई थी टिड्डी
राज्य ---------------- जिलों की संख्या
राजस्थान ---------------- 32
मध्यप्रदेश ---------------- 40
उत्तरप्रदेश ---------------- 34
गुजरात ---------------- 12
हरियाणा ---------------- 10
बिहार ---------------- 7
महाराष्ट्र ---------------- 4
छतीसगढ़ ---------------- 1
उत्तराखण्ड ---------------- 1
पंजाब ---------------- 1
(टिड्डी पश्चिमी बंगाल के कुछ गांवों तक भी पहुंची थी। इसके अलावा बिहार के जिलों को पार करके नेपाल में घुस गई थी।)



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