जोधपुर।
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल गुप्ता ने बताया कि भविष्य में टेक्नोलॉजी के कारण जीएसटी की अनुपालना में सीए तथा कर सलाहकारों की ज्यादा जरुरत नहीं रहेगी। जीएसटी के जटिल विषय पर राय देने, मुकदमेबाजी आदि में जरुर जरुरत पड़ेगी, इसके लिए हमें तैयारा होना पड़ेगा। एसोसिएशन ऑफ टेक्सपेयर एंड प्रोफेशनल, व्हाट नेक्स्ट थीम फ ोर प्रोफेशनल, जैन चार्टर्ड अकाउंटेंट फैडरेशन मुंबई, टेक्स बार एसोसिएशन जोधपुर व जयपुर टेक्स बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को जीएसटी पर वेबीनार आयोजित की गई। वेबीनार के मुख्य अतिथि के रूप में गुप्ता ने बताया कि 3 साल पहले 17 से ज्यादा कानूनों को सम्मिलित करके जीएसटी आया था। आज भी गुड्स और सर्विस का वर्गीकरण, ऑथोरिटी ऑफ एडवांस रुलिंग के निर्णय मुख्य चुनौतियां हैं। मुख्य वक्ता वीर सिंह ने जीएसटी में कंपोजीशन स्कीम, वार्षिक रिटर्न 9 और 9 सी, सर्च और सीजर के बारे में समझाया। सेंट्रल काउंसिल मेंबर अनिल भंडारी ने बताया कि जीएसटी सरकार के लिए मुख्य आय का जरिया है। इससे जुड़ी हुई जटिलताओं तथा इसकी आकार को देखते हुए जीएसटीएन ने सराहनीय काम किए है। वेबीनार में एसोसिएशन ऑफ टेक्सपेयर एंड प्रोफेशनल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंजनीकुमार श्रीवास्तव, टेक्स बार एसोसिएशन जोधपुर के अध्यक्ष वीपी डागा, सीए प्रदीप जैन सहित अनेक सीए ने भाग लिया।
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