जोधपुर. ***** सुदी बीज से शुरू होने वाले बाबा रामदेव मेले की तैयारियों को लेकर अभी तक किसी तरह के निर्देश नहीं है लेकिन मसूरिया बाबा रामदेव मंदिर का संचालन करने वाला ट्रस्ट अपने स्तर पर हर तरह के विकल्प को लेकर तैयारियों में जुट गया है। प्रदेश के कोने कोने सहित मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात से जातरुओं का पहुंचने का क्रम रक्षाबंधन से ही शुरू हो जाता हैं। दुपहिया वाहनों पर एवं पैदल जातरू मसूरिया बाबा रामदेव मंदिर में 24 घंटे लगातार पहुंचने शुरू हो जाते है। इस बार रक्षाबंधन 3 अगस्त से यह क्रम शुरू होना संभावित है। कोरोनाकाल में जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट के समक्ष आस्था के ज्वार को रोकना सबसे बड़ी चुनौति हो सकती है।
20 लाख से अधिक जातरू आते है एक माह के भीतर
हर साल करीब 20 लाख से अधिक जातरू एक माह के भीतर मसूरिया बाबा रामदेव मंदिर शीश नवाने पहुंचते है। मसूरिया स्थित लोक देवता बाबा रामदेव के गुरु गुंसाई बालीनाथ समाधि मंदिर में शीश नवाने के बाद ही जातरू जैसलमेर जिले के रामदेवरा मंदिर पहुंचकर दर्शन करते है।
सरकार के आदेशों की होगी पालना
मंदिर का संचालन करने वाले पीपा क्षत्रिय समस्त न्याति ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्र चौहान ने बताया कि मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं को धूप और बारिश से बचाव के लिए डोम (छतबंदी ) का काम अंतिम चरण में है। इस बार बाबा रामदेव का प्राकट्य दिवस 20 अगस्त को और बाबा की दशमी (पुण्य समाधि दिवस ) 28 अगस्त को है। कोरोनाकाल में 20 मार्च से ही मसूरिया मंदिर के पट बंद है। सरकार के आदेशानुसार 31 जुलाई तक बंद रहेंगे। राज्य सरकार और जिला प्रशासन से रामदेवरा जातरुओं को लेकर जो भी निर्देश होंगे ट्रस्ट उसका पालन करने में पूर्ण सहयोग को तैयार है। ट्रस्ट की ओर से मंदिर के बाहर विशाल एलइडी स्क्रीन पर दर्शन अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से भी लाइव दर्शन की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
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