खरीफ बुवाई पर टिड्डी का ग्रहण, अंडे देकर तैयार कर रही नए दल

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर।

जिले में टिड्डी हमलों से किसानों के हाल बेहाल है। ऐसे में किसानों को खरीफ फ सलों की बुवाई व देखभाल से ज्यादा टिड्डी से बचाने के लिए जतन करने पड़ रहे है। कच्ची फ सल के नष्ट हो जाने से खेत खाली हो जाते है तो किसान बुवाई सीजन को देखते हुए तुरंत वापस बुवाई में लग जाते है। इससे खऱाबे का सर्वे नहीं हो पाने से किसानों को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही है। बार-बार बुवाई से किसान कर्जे में डूब रहे है। वहीं टिड्डी द्वारा क्षेत्र में अंडे देने शुरू कर देने से टिड्डी का खतरा बने रहने के अंदेशे के चलते व नियंत्रण अभियान प्रभावी नहीं होने से टिड्डी खरीफ फ सल पर ग्रहण लगा रही है।

--

10-15 मिनट के पड़ाव में चट कर जाती है खेत

टिड्डी दल दिन में क्षेत्र में घूमते रहते है। जहां दस-पंद्रह मिनट पड़ाव डाल दिया, वही अंकुरित होती फ सल को चट कर खेत खाली कर देती है। किसान धुंआ करके, ढोल-थाली बजाकर, विभिन्न आवाजें करके टिड्डियों को भगाने का असफ ल प्रयास करते है लेकिन टिड्डी चेतावनी संगठन व कृषि विभाग की ओर से दिन में टिड्डी नियंत्रण के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे है। केवल रात में जहां टिड्डी पड़ाव डालती है, वहां रात 11 बजे के बाद केमिकल छिडक़ाव की तैयारी शुरू होती है। वहीं अपर्याप्त कार्मिकों और बिना वाहन के केमिकल पंहुचाने की व्यवस्था के साथ कृषि विभाग स्थानीय स्तर पर पॉवर स्प्रेयर मशीनें जुटाना शुरू करता है और बिना वाहन पूरी पंचायत समिति में पड़ाव स्थलों पर केमिकल पहुंचाते बमुश्किल कुछ स्थानों पर अल सवेरे तक नियंत्रण ऑपरेशन शुरू हो पाता है, जो घंटे-दो घंटे चलता है।

----

टिड्डियों द्वारा अब तक हजारों हेक्टेयर में फ सल नष्ट होने से किसानों को दुबारा बुवाई करनी पड़ी है। खेत में हुए वास्तविक नुकसान का सर्वे टिड्डी हमलों के तुरंत बाद उसी दिन करवाकर किसानों को आर्थिक सहायता दी जाए। पटवार मंडल स्तर पर पॉवर स्प्रेयर मशीनों सहित स्थाइ संसाधन जुटाकर दिन व रात में टिड्डी नियंत्रण ऑपरेशन चलाा जाए। तुलछाराम सिंवर, प्रान्त प्रचार प्रमुख

भारतीय किसान संघ,जोधपुर



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2OH0gng
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment