जोधपुर
साहब, खुद की जेब से रुपए खर्च कर पोषाहार बनाकर आंगनबाडिय़ों में बच्चों के लिए सप्लाई किया। लेकिन पिछले छह-सात माह से पोषाहार की राशि बकाया चल रही है। सच कहे तो कोरोना ने तो हमारे महिला समूहों की कमर ही तोड़ दी है। मार्च माह से आंगनबाड़ी केन्द्र बंद होने से पोषाहार सप्लाई नहीं हो रहा तथा छह-सात माह के पोषाहार सप्लाई का बिल पेंडिंग होने से अधिकतर समूहों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन कई बार विभाग के चक्कर काटने के बाद भी पोषाहार की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। यह एक नहीं, दो नहीं सैकड़ों स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की पीड़ा है। जिन्हें पोषाहार की बकाया राशि मिलने का इन्तजार है।
सितम्बर से पोषाहार की राशि बकाया
शहर में संचालित 203 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 203 स्वयं सहायता समूहों द्वारा सूखा पोषाहार बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिए सप्लाई किया जाता है। एक समूह में करीब दस महिलाएं होती है जो पोषाहार बनाने व सप्लाई आदि करने का काम देखती है। लेकिन इन समूहों को सितम्बर 2019 से फरवरी 2020 तक केन्द्रों पर सप्लाई किए गए पोषाहार की राशि का भुगतान नहीं किया जा सका है।
ब्याज पर लाए थे रुपए, भुगतान हो तो राहत मिले
केन्द्रों पर पोषाहार सप्लाई करने के लिए ब्याज पर रुपए उधार लाई थी। सोचा पोषाहार की राशि का भुगतान होगा तब चुका दूंगी। लेकिन हालत यह है कि सितम्बर से फरवरी माह तक के पोषाहार राशि बकाया है। वर्तमान में केन्द्र भी बंद है ऐसे में बेरोजगार हो रखे है।
- द्रोपदी देवी, न्यू गणेश स्वंय सहायता समूह
बकाया राशि मिले तो राहत मिले
छह-सात माह के पोषाहार सप्लाई का बिल बकाया चल रहा है। कोरोना के कारण आंगनबाडिय़ों पर पोषाहार सप्लाई का काम बंद पड़ा है। बकाया राशि का भुगतान हो तो कोरोना काल में कुछ राहत मिले।
- संतोषदेवी, राधा-कृष्ण स्वयं सहायता समूह
बिल बनाने की चल रही कार्रवाई
स्वयं सहायता समूहों के बकाया राशि के बिल बनाने की कार्रवाई पूर्ण कर ली है। मुख्यालय से बजट मांगा है। जल्द ही भुगतान करेंगे।
- रानीदान बारहठ, डिप्टी डायरेक्टर, समेकित बाल विकास सेवाएं, जोधपुर
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