जोधपुर. बीती शाम पाकिस्तान से भारत में एक साथ पहली बार 8 टिड्डी दल घुसे। इसमें से 7 टिड्डी दल छोटे और एक दल तीन किलोमीटर लंबा और तीन किलोमीटर चौड़ा था। इसमें से 5 दल बाड़मेर और जैसलमेर, बीकानेर व श्रीगंगानगर से दाखिल हुए। टिड्डी चेतावनी संगठन की टीमों ने राजस्थान के पश्चिमी जिलों में ही इन पर पेस्टीसाइड स्प्रे किया। अधिकांश जगह टिड्डी मारी गई जबकि कुछ उडकऱ पूर्वी जिलों की तरफ बढ़ गई।
सिंध के दक्षिण हिस्से में भारी टिड्डी
संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के सिंध के दक्षिण हिस्से में भारी संख्या में टिड्डी अंडे दे रही है और वहां हॉपर भी बन रहे हैं। यह हिस्सा बाड़मेर बॉर्डर से लगता है। यही कारण है कि शनिवार को बाड़मेर से एक साथ पांच टिड्डी दलों ने प्रवेश किया। भविष्य में टिड्डी हमले के लिहाज से बाड़मेर संवेदनशील बना हुआ है।
हरियाणा में भी मारी टिड्डी
टिड्डी चेतावनी संगठन ने रविवार को राजस्थान, उत्तरप्रदेश और हरियाणा राज्य के विभिन्न स्थानों पर नियंत्रण कार्य किया। बाड़मेर जिले के सेड़वा, चौहटन, रामसर, जैसलमेर जिले के डेटा खाबा, बासन पीर, खिलाना मोतीसर, जोधपुर के लोहावट, देचू, फलोदी, बाप, बीकानेर के खाजूवाला की बीओपी संग्राम पोस्ट, नोखा, देशनोक, पालना, नागौर के जायल, श्रीगंगानगर के घड़साना, सूरतगढ़, पीली बंगा, चूरू के तारानगर रतनगढ़ में टिड्डी मारी गई। उत्तर प्रदेश के उन्नाव, आगरा और हरियाणा के सिरसा व भिवानी जिले में टिड्डी पर पेस्टीसाइड स्प्रे किया गया।
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