जोधपुर. शहर के अति व्यस्ततम क्षेत्र कटला बाजार स्थित मंदिर में महादेव जमीन से 40 फुट नीचे पाताल में विराजे है। मंदिर के दर्शनार्थियों को 42 सीढिय़ा उतर कर महादेव के दर्शन को पहुंचना पड़ता है। यह मंदिर जोधपुरवासियों के साथ जापानवासियों में भी खासा लोकप्रिय है। हर साल बड़ी संख्या में जापानी पर्यटकों के ग्रुप मंदिर पहुंचकर रुद्राभिषेक करते है। शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिर कुंज बिहारी मंदिर परिसर में स्थित पातालेश्वर मंदिर का निर्माण महाराजा विजय सिंह की पासवान (उप पत्नी) गुलाब राय ने सन 1779 (विक्रम संवत 1837) में फल्गुन शुक्लपक्ष की अष्टमी के दिन उनके पुत्र शेरसिंह की याद में करवाया था। कुंज बिहारी मंदिर सीढिय़ां चढ़कर बड़ा बरामदा पार करने के बाद बांयी और पातालेश्वर महादेव मंदिर है। जो नीचे की ओर दो मंजिला है । मंदिर में संगमरमर से बनी हुई भगवान शिव की प्रतिमा शिवलिंग और विनायक का विग्रह स्थापित है । मंदिर में श्रावण मास में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण इन दिनों मंदिर पूरी तरह बंद है। मंदिर का शिखर करीब 45 फुट ऊंचा है। वर्तमान में देवस्थान प्रबंधित मंदिर का तोरण द्वार स्थापत्य कला का उत्कृष्ट नमूना है ।
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