अब 35 प्रतिशत पीली टिड्डी, देश के 11 जिलों में रिपोर्ट

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गजेन्द्र सिंह दहिया

जोधपुर. मानसून की पहली बरसात होते ही गुलाबी रंग की टिड्डी अब परिवक्व होकर पीले रंग में बदलने लगी है। टिड्डी दलों में 30 से 35 प्रतिशत तक पीली टिड्डी देखने को मिल रही है, जबकि पुराने बचे-खुचे दल में 50 प्रतिशत तक टिड्डी पीली हो रही है। पीली होने के साथ यह अण्डे देने के लिए जगह तलाश रही है। वर्तमान में देश के 11 जिलों में पीली टिड्डी रिपोर्ट हुई है। सर्वाधिक पीली टिड्डी राजस्थान के 8 जिलों में है। यहां भी सर्वाधिक परिपक्व टिड्डी बीकानेर में है। राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश के टिकमगढ़, उत्तरप्रदेश के फरुखाबाद व काशगंज और हरियाणा के पल्लवल में पीली टिड्डी थी। पीली टिड्डी के विरुद्ध अब तक 6635 हेक्टेयर में नियंत्रण कार्यक्रम चलाया गया है।

पीली टिड्डी के विरुद्ध कहां-कितना ऑपरेशन
जिले का नाम ----------- ऑपरेशन हेक्टेयर में
बीकानेर ----------2540
बाड़मेर ----------1275
नागौर ----------1005
जोधपुर ----------565
अजमेर ----------310
सीकर ----------200
झुंझनूं ----------180
चूरू ----------170
टीकमगढ़ ----------90
फरुखाबाद ----------100
काशंगज ----------90
पल्लवल ---------- 110

भारत ने थ्री स्टार हॉपर मारे
टिड्डी पीले रंग में बदलने के बाद परिपक्व हो जाती है। खाना कम खाती है। अण्डे देने के लिए रेतीली जमीन तलाशती है। भारत में टिड्डी के अब तक पांच जिलों बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर और श्रीगंगानगर में ही हॉपर रिपोर्ट हुए हैं। टिड्डी के अण्डे से हॉपर (निम्फ) निकलता है। वह फाइव स्टार या पांच स्टेज के बाद पंख वाली गुलाबी टिड्डी में बदलता है। भारत ने पांचों जिलों में थ्री स्टार फेज में ही हॉपर का खात्मा कर दिया है।

15 जुलाई से 15 सितम्बर तक अलर्ट
मानसून की पहली बरसात हो गई है इसलिए नई टिड्डी का खतरा बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार भारत और पाकिस्तान में 15 जुलाई से 15 सितम्बर तक बड़े हमले होने की आशंका है। पाकिस्तान ने टिड्डी से निपटने के लिए सऊदी अरब, अमरीका सहित 17 देशों से आर्थिक सहायता मांगी है। पाकिस्तान से भारत में अब तक 59 टिड्डी दल आ चुके हैं।

अब केवल बांसवाड़ा टिड्डी की पहुंच से दूर
राजस्थान सहित देश के दस राज्यों में टिड्डी पहुंच चुकी है। राजस्थान में अब बांसवाड़ा को छोडकऱ सभी 32 जिलों में टिड्डी आ गई है। सर्वाधिक टिड्डी जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर व नागौर में है जबकि टिड्डी दलों के विरुद्ध सबसे कम ऑपरेशन डूंगरपुर, सिरोही, धौलपुर व भरतपुर में हुआ है। यहां क्रमश: 80, 87, 125 और 382 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ही टिड्डी मारी गई है, जबकि जोधपुर में प्रतिदिनि इससे अधिक क्षेत्रफल पर टिड्डी ऑपरेशन किया जा रहा है।

देश में 10 जुलाई तक की टिड्डी की रिपोर्ट
- 288370 हेक्टेयर में अब तक टिड्डी नियंत्रण
- 2957 स्थानों पर मारी गई है टिड्डी
- 116 जिलों तक पहुंची टिड्डी
- 59 दल अब तक आ चुके हैं पाकिस्तान से



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