जोधपुर के इस शिवालय में 200 साल से प्रज्ज्वलित है अखंड ज्योत

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. चांदपोल के बाहर स्थित प्राचीन शिवालय रामेश्वर सिद्धपीठ में पिछले 200 साल अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित है। मंदिर में पूरे श्रावण मास में भक्तों का तांता लगा रहता है लेकिन लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के कारण मंदिर में भक्तों का प्रवेश बंद है । केवल पुजारियों की ओर से ही अभिषेक किए जा रहे हैं।
मन्दिर में मां पार्वती, सूर्यदेव, गणपति व नवग्रह की प्रतिमाएं भी है। मुगल सेना ने रामेश्वर मंदिर को दो बार ध्वस्त किया लेकिन गर्भगृह की मूर्तियां चमत्कारिक ढंग से सुरक्षित रही। जोधपुर के इतिहाविदों के अनुसार राव मालदेव के समय सन 1538 में चांदपोल के बाहर मंदिर बनवाया गया था। शेरशाह सूरी ने 1544 में जब जोधपुर पर अधिकार किया उस समय पठान सेना ने जोधपुर के कई मंदिरों के साथ रामेश्वर मंदिर को भी तोड़ दिया था। बाद में सवाई राजा सूरसिंह ने सन 1615 में मंदिर जीर्णोद्धार के साथ मंदिर के सामने सूरजकुण्ड बावड़ी का भी निर्माण करवाया था। जोधपुर के महाराजा जसवंतसिंह प्रथम की जमरूद में मृत्यु के बाद औरंगजेब ने जब जोधपुर को खालसा घोषित किया तब भी मुगल सेना ने जोधपुर के कई मंदिरों को ध्वस्त कर दिया था। उस समय नाहर बेग के नेतृत्व में सैनिकों ने चांदपोल के बाहर स्थित प्राचीन रामेश्वरमंदिर को भी तोड़ दिया लेकिन मूर्तियां सुरक्षित रही थी। जोधपुर पर महाराजा अजीतसिंह के अधिकार होने के बाद जोधपुर के सभी खंडित मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाया गया था। कालान्तर में महाराजा तख्तसिंह ने विक्रम संवत 1901 में रामेश्वर मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया गया।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3ffyZDl
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment