आनंदपालसिंह एनकाउंटर :  189 गवाहों के बॉण्ड भरे बगैर पेश की थी चार्जशीट

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जोधपुर.
हार्डकोर आनंदपालसिंह एनकाउंटर के बाद नागौर जिले के पैतृक गांव सांवराद में उपद्रव व दंगे भड़काने की चार्जशीट में देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआइ ने गवाहों के बॉण्ड पत्र पेश नहीं किए थे। यही वजह है कि सीबीआइ मामलात की विशेष अदालत ने बॉण्ड सब्मिट करने के आदेश देकर सीबीआइ को चार्जशीट लौटा दी थी। अब सीबीआइ एक बार फिर गवाहों से सम्पर्क साधने में जुटी है।
सूत्रों के अनुसार आनंदपालसिंह एनकाउंटर के बाद श्रद्धांजलि सभा के दौरान पैतृक गांव सांवराद में उपद्रव व दंगे भड़क गए थे। एनकाउंटर के साथ ही उपद्रव व दंगे भड़काने की जांच भी सीबीआइ को सौंपी थी। जांच के बाद गत २७ जून को जोधपुर स्थित एसीजेएम सीबीआइ मामलात की विशेष अदालत में २४ जनों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई थी।

मामले की पहली सुनवाई में मजिस्ट्रेट ने चार्जशीट में खामी मानीं थी। चार्जशीट में सीबीआइ ने १८९ गवाहों के बयान दर्ज किए थे। इन गवाहों के बयान के साथ निर्धारित फॉर्मेट का बॉण्ड जमा करना होता है। जिसमें गवाह के हस्ताक्षर होते हैं। ताकि वो सुनवाई के दौरान गवाही के लिए कोर्ट में पेश हो सके।
चार्जशीट में सीबीआइ ने सभी १८९ गवाहों के बॉण्ड पत्र नहीं भरे थे। एेसे में कोर्ट ने चार्जशीट में खामी मानकर बॉण्ड पत्र भरकर चार्जशीट पेश करने के आदेश दिए।

गौरतलब है कि सीबीआइ ने लोकेन्द्रसिंह कालवी, सुखदेवसिंह गोगामेढ़ी, हनुमानसिंह खांगटा, महिपाल सिंह मकराना, योगेन्द्रसिंह कतर, दुर्गसिंह, रंजीतसिंह मंगला उर्फ रंजीतसिंह सोढाला, रंजीतसिंह गेंदिया, रणवीरसिंह गुड़ा, आेकेन्द्र राणा उर्फ हितेन्द्रसिंह राणा, चरणजीतसिंह कंवर उर्फ चीनू, एपी सिंह, सीमा रघुवंशी उर्फ सीमा राघव, गिरीराजसिंह लोटवाड़ा, महावीरसिंह, प्रतापसिंह राणावत, प्रेमसिंह बनवासा, भंवरसिंह रेता, दिलीपसिंह, जब्बरसिंह, मोहनसिंह हट्टौज, युनूस अली, राजेन्द्रसिंह गुड़ा व घनश्यामसिंह त्योड को दंगे भड़काने का दोषी मानकर गत २६ जून को चार्जशीट पेश की थी।
एक बार फिर गवाहों के सम्पर्क में सीबीआइ

सीबीआइ ने चार्जशीट में १८९ लोगों को गवाह बनाया है। जिनमें पुलिस अधिकारी व जवानों के अलावा कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं। इन सभी के बयान दर्ज किए गए हैं। अब बॉण्ड पत्र भरने के लिए सीबीआइ एक बार फिर इन गवाहों से सम्पर्क साधने में जुटी है। ताकि बॉण्ड भरकर चार्जशीट दुबारा पेश कर सके।



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