जोधपुर. लगातार आ रहे टिड्डी दलों के कारण प्रदेश के ग्रामीण हिस्सों में भारी संख्या में टिड्डी जमीन पर बिखरी हुई है। यहां टिड्डी की कोई कीमत नहीं है। अगर नेपाल होता तो एक टिड्डी का एक रुपया मिलता। नेपाल की सरकार टिड्डी पर नियंत्रण के लिए स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित कर रही है। वहां 1 किलो टिड्डी के 500 रुपए मिलते हैं लेकिन वर्तमान दौर में यह कीमत कम होने की वजह से अब नेपाल के प्लांट क्वॉरेंटाइन एंड पेस्ट मैनेजमेंट डिपार्टमेंट ने कृषि मंत्रालय को प्रस्ताव भेजकर इसमें और बढ़ोतरी करने की अनुशंसा की है।
2 ग्राम की होती है एक टिड्डी
टिड्डी का वजन 1 से लेकर 5 ग्राम तक हो सकता है। सामान्यत: यह 2 ग्राम की होती है। दल में मौजूद टिड्डी प्रतिदिन अपने वजन के बराबर खाना खाती है। ऐसे में 1 किलो में करीब 500 टिड्डियां होती है। प्रतिदिन एक व्यक्ति 2 किलो टिड्डी इक_ा करके 1000 रुपए की कमाई कर लेता है। नेपाल सरकार इन पकड़ी गई टिड्डी को मुर्गी के खाने के रूप में देने की योजना बना रहा है।
बिहार और उत्तर प्रदेश से घुस रही टिड्डी
नेपाल में बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से टिड्डी लगातार प्रवेश कर रही है। हाल ही में लखनऊ से भी एक बड़ा टिड्डी दल नेपाल के कई जिलों में घुस गया। वहां टिड्डी छितराई हुई है। आने वाले दिनों में और भी बड़े दल आने की आशंका है।
3 लाख हेक्टेयर से अधिक नियंत्रण
भारत में अब तक दस राज्यों में 3 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में टिड्डी मारी जा चुकी है। इसका 90 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान में है। राजस्थान में बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, नागौर, श्रीगंगानगर में तकरीबन हर रोज टिड्डी नियंत्रण ऑपरेशन किया जा रहा है।
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