ग्रामीण को हनी ट्रैप के जाल में फांसकर बनाया बंधक, मजबूरन करना पड़ा बेचाननामा, पढ़े पूरी खबर...

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जोधपुर. लॉक डाउन में आर्थिक तंगी से उबरने के लिए अधिवक्ता व उसके दोस्तों ने एक ग्रामीण को हनी ट्रैप के जाल में फांसकर सात बीघा जमीन का बेचाननामा करवा लिया। बनाड़ थाना पुलिस ने पीडि़त की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर वकील समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

सहायक पुलिस आयुक्त (मंडोर) राजेन्द्र प्रसाद दिवाकर के अनुसार मूलत: आंगणवा हाल बीकानेर में खाजूवाला निवासी कालूराम रैगर को अधिवक्ता मित्र विनोद भोमरिया ने गत 16 जून को डिगाड़ी के एक मकान में बुलाकर युवती से मिलाया। इसी दौरान अधिवक्ता व तीन-चार अन्य ने उसे घेर लिया। युवती के साथ उसके मिलने की बात वायरल करने की धमकी देकर 12 लाख रुपए मांगे, लेकिन कालूराम ने असमर्थता जता दी।

दबाव डालने पर पीडि़त ने आरोपियों को लूणावास खारा में सात बीघा जमीन होने की जानकारी दी। आरोपियों ने इस जमीन की राजूराम जाट के नाम जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी व वसीयतनामा करवा दी। चूंकि पीडि़त एससी-एसटी का है और उसकीजमीन हस्तांतरित नहीं हो सकती है, इसलिए आरोपियों ने साजिश में देवराज सरगरा को शामिल कर उसके पक्ष में जमीन का बेचाननामा करवा दिया गया। इसके बाद 18 जून को पीडि़त को छोड़ा गया।

पीडि़त ने बनाड़ थाने आकर ब्लैकमेलिंग व बंधक बना जमीन हथियाने का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने खाजूवाला निवासी अधिवक्ता विनोद पुत्र बलदेवसिंह भोमरिया, मेड़ता सिटी थानान्तर्गत लिलिया निवासी राजूराम पुत्र हापूराम जाट और सांवरदास पुत्र चेतनदास को गिरफ्तार किया है। देवराज की भूमिका की जांच की जा रही है। चूरू जिले में रामगढ़ निवासी युवती की तलाश की जा रही है।

दो रात बंधक बनाया, रुपए लाने का दबाव डाला
थानाधिकारी अशोक आंजणा के अनुसार आरोपियों ने हनी ट्रैप में फंसाकर पीडि़त से 12 लाख रुपए मांगे। रकम वसूलने के लिए उसे दो दिन रात मकान में बंधक बनाकर रखा गया। पीडि़त ने घरवालों को फोन कर जमीन खरीदने के बहाने रुपए मांगे, लेकिन घरवालों ने असमर्थता जता दी। तब मजबूरन उसने जमीन की जानकारी देकर बेचाननामा कराया।

रुपए कमाने के लिए रची थी साजिश
अधिवक्ता विनोद ने राजूराम व अन्य के साथ मिलकर रुपए कमाने के लिए हनी ट्रैप की साजिश रची थी। पीडि़त कालूराम अधिवक्ता दोस्त है, इसलिए उन्होंने उसे युवती से मिलाने के बहाने फंसाने की सोची थी।



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