पढि़ए - आखिर कैसे इस मोहल्ले के लोगों ने हराया कोरोना को

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जोधपुर. राइकाबाग पुरानी पुलिस लाइन क्षेत्र के लोगों ने कम्युनिटी सोल्जर की तरह लॉकडाउन में काम किया। यहां संक्रमण फैलने से पहले ही क्षेत्र के लोग सक्रिय हो गए। नतीजन करीब 250-300 घरों के मोहल्ले में अभी तक कोई कोरोना पॉजिटिव केस सामने नहीं आया। क्षेत्रवासी इतने सजग है कि मोहल्ले में टीम बना रखी है जो आज भी रोजाना मोहल्ले की गलियां सेनेटाइज करने का काम मिलजुल कर करते है। मोहल्ले के हनवंतसिंह चौहान ने बताया कि राइकाबाग पुरानी पुलिस लाइन, लकडिय़ों की ताल, बैंक कॉलोनी की गलियोंं को कोरोना मुक्त रखा जा सके इसलिए स्वयं पर अंकुश लगाया, लॉकडाउन में घर पर ही रहे। मोहल्लेवासियों ने मिलकर दो सेनेटाइजर मशीनें खरीदी। रोजाना तीनों गलियों में सेनेटाइजर कर रहे है तथा सप्ताह में दो बार मच्छर मारने की दवा का भी छिड़काव करते है। सेनेटाइज व मशीनें खरीदने का का खर्च सभी मोहल्लेवासी मिलकर अभी भी उठा रहे है। खुशी है कि हमारी सजगता से हमारे मोहल्ले का कोई व्यक्ति कोरोना की चपेट में न आया।

यह कोरोना कम्युनिटी सोल्जर्स, जिन्होंने उठाया बीड़ा
मोहल्ले के सुशील गौड, महेन्द्रसिंह चौहान, महेन्द्रसिंह गौड, हनवंतसिंह चौहान, उस्ताद खान, प्रदीपसिंह चौहान सहित अन्य ने टीम बनाई। जो नियमित मोहल्ले में सेनेटाइज करने का काम करती है।

इस तरह की व्यवस्था
-कोरोना संक्रमण को देखते ही शुरुआत में ही बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी। जिसमें फेरी वाले, सब्जी वाले आदि शामिल थे।
- मोहल्ले की गलियों में अनजान लोग प्रवेश न करे इसलिए गलियां बल्लियां लगाकर ब्लॉक की तथा स्वयं भी घरों में रहे।
- सभी ने तय किया कि घर से बाहर जाना पड़े तो बिना मास्क नहीं निकलेंगे।
- दो सेनेटाइजर मशीनें खरीदी तथा पिछले करीब दो माह से नियमित गलियां सेनेटाइज कर रहे है।
- सप्ताह में दो बार मच्छर मारने की दवा का भी गलियों में छिड़काव कर रहे है।



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