ज़ोधपुर के योग प्रक्षिक्षको ने कोरोनाकाल में लोगों का भय दूर करने की निर्भय राह प्रशस्त

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जोधपुर . जब सारा विश्व वैश्विक महामारी कोरोना से भयभीत होकर घरों में बन्द रहने को विवश हुआ तब जोधपुर में कुछ युवा योग प्रक्षिक्षको ने भयग्रस्त लोगो के लिए निर्भय राह प्रशस्त करने का प्रयास किया जिसमें वे सफल भी हुए। बच्चों, बुजुर्गों और निर्बल पर कोरोना के आघात की अधिक आशंका को दूर करने के लिए योग के बल से निर्मूल करने में योग प्रशिक्षकों का योगदान रहा। जन मानस को स्वस्थ और निरोग रखने ने योग ने लोगों को तनावरहित होने और तन मन को सुबल करके स्वस्थ रहने को प्रेरित किया। योग प्रशिक्षकों ने घरों में बैठे लोगों तक सोशल मीडिया के माध्यम से लॉकडाउन में घर बैठे लोगों को योग क्रियाएं बताकर शरीर को स्वस्थ रखने के प्रति जागृत किया और रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में ऐसे ही जोधपुर के कुछ योग प्रशिक्षकों से उनके लॉकडाउन अनुभवों पर पत्रिका ने बातचीत की।

बिना अवकाश के चल रही रेगुलर योग क्लास

लॉकडाउन में 1 अप्रेल से ऑनलाइन योगा क्लास की रेगुलर क्लास बिना रविवार छुट्टी के चल रही है । कई नए साधक जुड़े , वरना लॉकडॉउन में तो कोई काम नहीं होने की वजह से लोग देर सुबह तक तक सोते थे । काम न होने का टेंशन भी जिससे तनाव ज्यादा हुआ पर नियमित योग क्लास में योग करने से काफी लोगो ने रिलैक्स महसूस किया। अब तो लोग चाहते भी है कि ऑनलाइन क्लास ही रहे । ऑनलाइन योग क्लासेज में सोशल डिस्टेंस की जरूरत नहीं , आना जाना नहीं , सपरिवार बच्चों को भी ऑनलाइन से लाभ मिला। लोगो के अच्छे रुझान थे सब कहते है 'करेंगे योग रहेंगे निरोग'

ईश्वर देवानी, योग प्रशिक्षक, स्वास्थ्य साधना केंद्र, लाल पुलिया
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क्वारंटीन सेन्टर में कोरोना संक्रमित संदिग्धों को सिखाया योग

कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए क्वारंटीन सेंटर आंगणवा में 700 लोगों को योगाभ्यास करवाया गया। कोरोना वायरस संदिग्ध व्यक्तियों को सूक्ष्म व्यायाम,कपालभाति, भस्त्रिका, अनुलोम विलोम एवं भ्रामरी प्राणायाम के साथ-साथ ध्यान का अभ्यास करवाया गया। क्वारंटीन सेन्टर में भर्ती सभी लोगों ने नियमित रूप से योगाभ्यास किया जो अभ्यासी के लिए प्रतिरोधक क्षमता वर्धन एवं मानसिक तनाव को दूर कर मनोबल बढ़ाने में सकारात्मक परिणाम देखने को मिले।
डा.चन्द्रभान शर्मा, सहायक आचार्य, आयुर्वेदविवि
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पति-पत्नी ने मिलकर सिखाया योग

देश में 21 मार्च से लॉकडाउन के दिन से मेरी धर्मपत्नी और मैने लोगों तक योग को ऑनलाइन पहुंचाने का संकल्प लिया । पुनीत कार्य में साथी योग शिक्षकों को भी इस मुहिम में शामिल करने का प्रयास किया और काफी हद तक हम इस कार्य में कामयाब भी रहे। सोशल मीडिया पर कुछ ही दिनों बाद हमें लोगों के सुझाव और अनुभव प्राप्त होने लगे। लाभान्वित होने वाले लोगों में ज्यादातर किडनी, मधुमेह, अस्थमा तथा ब्लड प्रेशर की समस्या वाले लोग रहे। जब उन्हें लाभ प्राप्त हुआ तो उन्होंने आशीर्वाद के रूप में हमें बहुत सारे कमेंट किए । फल स्वरुप हमने सत्र को 30 जून तक जारी रखने का निश्चय किया।
- योग प्रशिक्षक भूपेन्द्र जोधा एवं तेज कंवर जोधा-भगत की कोठी ---------------------------

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक योगाभ्यास

लॉकडाउन में शहर के सभी योग केन्द्र बन्द है लेकिन योग अभ्यास ऑनलाइन नियमित रूप से जारी है। शहर में हजारों लोग ऑनलाइन योग सीख कर स्वास्थ्य लाभ ले रहे है। योग से भले ही कोरोना के मरीज पूरी तरह स्वस्थ नही हो पाए पर योगाभ्यास से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर वायरस के अटैक से तो कम से कम बच सकते है। कोरोना संक्रमण के भय से होने वाले मानसिक और भावनात्मक नकारात्मक प्रभावों से भी प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से बचा जा सकता है। आज शहर में कई बड़े पार्क वीरान है। सरकार हर बड़े पार्क के लिये एक योग शिक्षक नियुक्त करे, ताकी योग का सुव्यवस्थित तरीके से अभ्यास आमजन को करवाया जा सके।

-गजेंद्र सिंह परिहार, दैव योग संस्थान



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