अविनाश केवलिया/जोधपुर. केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने कहा कि यदि राजस्थान के विधायकों को ऑफर दिए जा रहे हैं तो सीएम गहलोत आरोप लगाने के साथ उनके नाम क्यों नहीं बताते। यह राजस्थान की जनता व चुने हुए विधायकों का अपमान है। शेखावत ने जोधपुर सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सीएम गहलोत की ओर से पहले मुख्य सचेतक महेश जोशी ने एसीबी को पत्र लिखा और अब एसओजी के हवाले जांच करने की बात कही है।
यदि उन्हें इतना ही विश्वास है तो जिस विधायक को पैसे ऑफर हुए उसका नाम क्यों नही बताते। उन्होंने कहा कि हॉर्स ट्रेडिंग जैसी कोई बात नहीं है बल्कि अबकी सीएम गहलोत ने यह अपनी जादूगरी दिखाई है। सीएम ने कहा कि इन चुनावों को जान बूझ कर स्थगित किया था, जिससे कि हॉर्स ट्रेडिंग की व्यवस्थाएं की जा सके, यदि ऐसा है तो प्रदेश में भी पंचायतीराज व तीन शहरों के निकाय चुनाव क्यों स्थगित किए गए।
एमपी में स्वाभिमान के कारण सिंधिया अलग हुए
एमपी में ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा से जुडऩे के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह स्वाभिमान की तलाश में अपने विधायकों को लेकर भाजपा में शामिल हुए। कांग्रेस में उन्हें आजादी नहीं मिल रही थी।
कई दिग्गज परिवारों को चक्कर पिसवाई
शेखावत ने कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के बयान का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने सीएम गहलोत के बेदर्दी से चक्की पीसने का अनुभव किया है। इसमें कई प्रतिष्ठित परिवार भी है। लेकिन असली चक्की तो जनता पीसती है, खुद सुरजेवाला को जनता ने दो बार चक्की पिसवाई है।
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