कोरोना इफेक्ट: सरकार ने विदेश व्यापार नीति को एक साल बढ़ाया, निर्यातकों को मिलेगी रियायती स्कीम्स में छूट

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अमित दवे/जोधपुर. कोरोना की वजह से लागू लॉकडाउन के कारण जोधपुर सहित देश का हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग पूरी तरह टूट चुका है। करीब ढाई माइ तक रहे लॉकडाउन ने हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों की कमर तोड़ दी। ऐसे में केन्द्र सरकार ने हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों को राहत दी है। जिसके अनुसार केन्द्र सरकार की ओर से चल रही एक्सपोर्ट सेक्टर को मौजूदा स्कीम के तहत मिलने वाली छूट और सुविधाएं अगले एक साल तक जारी रहेगी। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) ने विदेश व्यापार नीति (एफटीपी ) की समय सीमा 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दी है।

डीजीएफटी ने मर्चेन्डाइस एक्सपोट्र्स फ्रॉम इंडिया स्कीम (एमइआइएस) और एक्सपोर्ट प्रमोशन केपिटल गुड्स (इपीसीजी) स्कीम्स की समय सीमा एक साल के लिए बढ़़ाई है। फॉरेन ट्रेड पॉलिसी (एफटीपी) खासतौर से निर्यातकों को बढ़ावा देने के लिए है। सरकार 5 साल के लिए एफटीपी की घोषणा करती है। सरकार ने कोरोना संकट को देखते हुए फि लहाल नई पॉलिसी का ऐलान नहीं करके मौजूदा एफटीपी की समयसीमा 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दी है। जोधपुर लकड़ी के हैण्डीक्राफ्ट फर्नीचर व उत्पाद निर्यात के मामले में देश में पहले स्थान पर है। सरकार के इस निर्णय से जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों को राहत मिलेगी।

राहत मिलेगी
केन्द्र सरकार के इस कदम से निर्यातकों को इस पॉलिसी के अन्तर्गत मिलने वाले एमइआइएस इंसेंटिव्स व अन्य प्रोत्साहन अगले वित्तीय वर्ष तक जारी रखने से राहत मिलेगी। कोरोना से जूंझ रहे हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों को अपने बिजनेस फि र से रिकवर करने में मदद मिलेगी ।
डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष, जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन



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