गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. आधी सदी बाद हो रहे भीषण टिड्डी हमले को भारत ने अब राष्ट्रीय आपदा में शामिल कर लिया है। टिड्डी नियंत्रण कार्यक्रम राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ)और राज्य आपदा मोचन बल के अंतर्गत चलाया जा सकेगा। टिड्डी एक महीने में ही देश के आठ राज्यों तक पहुंच चुकी है। उधर दो दिन पहले पाकिस्तान से एक नया बड़ा टिड्डी दल आया है जो 48 घण्टे में ही जैसलमेर से जयपुर के मालपुरा तक पहुंच गई है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आपदा के अंतर्गत टिड्डी नियंत्रण को नोटिफाइड किया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ नियमों के मुताबिक टिड्डी नियंत्रण के लिए वाहन किराए पर करना, स्प्रे माउंटेड ट्रेक्टर लेना, पेस्टिसाइड छिड़काव, वाटर टैंकर और पादप सुरक्षा के लिए पेस्टिसाइड खरीद शामिल की गई है। एक वित्तीय वर्ष में एसडीआरएफ को दिए गए बजट में से 25 फ़ीसदी तक टिड्डी नियंत्रण पर खर्च किया जा सकेगा। केंद्र सरकार सामान्य राज्यों को एसडीआरएफ में 75 फ़ीसदी तक अनुदान देती है जबकि विशेष श्रेणी के राज्यों को 90 फ़ीसदी तक मिलता है।
जैसलमेर से जयपुर तक टिड्डी
दो दिन पहले शाम को पाकिस्तान से बाड़मेर-जैसलमेर के मध्य नया टिड्डी घुसा जो पांच किलोमीटर से अधिक बड़ा था। रविवार तक यह जयपुर के मालपुरा तक पहुंच गया। कृषि विभाग, टिड्डी नियंत्रण संगठन और किसान बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, जयपुर और पाली में जूझ रही थी। पाली के जैतारण में बड़ा टिड्डी दल देखा गया।
फलोदी में एयरफोर्स स्टेशन के करीब पहुंची टिड्डी
जोधपुर में रविवार को कई टिड्डी दलों ने परेशान किए रखा। शहर के पास बोरानाडा में 3 गुणा 2 किलोमीटर का टिड्डी था जिस पर स्प्रे किया गया। टिड्डी अपने हॉट स्पॉट फलोदी भी पहुंची जहां एयरफोर्स स्टेशन के समीप बड़ा दल हरियाली को चट कर रहा था। शेरगढ़ व बालेसर के मध्य टिड्डी नियंत्रण किया गया। बालेसर में एक और टिड्डी दल आया। लोहावट में भीकमकोर, बिलाड़ा के भावी-पिचियाक क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रित की गई। जोधपुर में पिछले लंबे समय से टिड्डी बनी हुई है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/30vMSd5
0 comments:
Post a Comment