अलार्म: पीली टिड्डी की मैटिंग रिपोर्ट, अगले महीने थार में देगी अण्डे

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जोधपुर. पिछले डेढ़ महीने से अधिक समय से पाकिस्तान से आ रही युवा गुलाबी टिड्डी अब व्यस्क पीली टिड्डी में बदल रही है। इनकी संख्या 30 से 40 प्रतिशत हो गई है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने इस सप्ताह कई स्थानों पर पीली टिड्डी को मैटिंग करते हुए रिपोर्ट किया है और इधर मानसून का राजस्थान में प्रवेश हो गया है। अब टिड्डी कुछ दिनों में ही थार रेगिस्तान की बालू मिट्टी में अण्डे देगी जिससे हॉपर और उससे बड़े टिड्डी दल बनेंगे। जुलाई-अगस्त में भारी संख्या में टिड्डी हमला होने की आशंका है।

पाकिस्तान के दक्षिण प्रांत ब्लूचिस्तान, पंजाब की सिंध घाटी, ईरान के दक्षिण हिस्से और पूर्वी अफ्रीका के सोमालिया में टिड्डी का बसंत प्रजनन (स्प्रिंग ब्रीडिंग) खत्म हो चुका है और अब वह ग्रीष्म प्रजनन (समर ब्रीडिंग) के लिए भारत-पाक बॉर्डर की तरफ बढ़ रही है। अभी तक स्प्रिंग ब्रीडिंग से पैदा हुई युवा गुलाबी टिड्डी भारत आ रही थी जो अधिक ऊर्जावान और खाने में भी अधिक पेटू है लेकिन वर्तमान में फसल नहीं होने से पेड़-पौधे रूपी वनस्पति को छोडकऱ कोई खास नुकसान नहीं हुआ। अब पीली टिड्डियों के झुंड आएंगे जो अण्डे देने का इरादा रखती है। टिड्डी को अण्डे देने के लिए रेतीली जमीन और नमी चाहिए। श्रीगंगानगर, बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर में अण्डे देने के लिए अनुकूल परिस्थितियां है। यह जमीन के 10 से 15 सेंटीमीटर नीचे अण्डे देती है। एक टिड्डी 100 से 150 अण्डे देती है। इनसे 10 से 60 दिन में हॉपर निकलते हैं। फिर इनसे युवा गुलाबी टिड्डी और इसके बाद व्यस्क पीली टिड्डी बनती है। इसका जीवनकाल 6 महीने होता है।

7 राज्यों में बड़े ऑपरेशन
टिड्डी के विरुद्ध केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्ल्यूओ) व कृषि विभाग ने अब तक 7 राज्यों राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र व छतीसगढ़ में पेस्टीसाइड स्प्रे किया है। हरियाणा में हालांकि थोड़ी बहुत टिड्डी पहुंची थी। अब तक 1.20 लाख हेक्टेयर जमीन पर 900 से अधिक स्थानों को टिड्डी मुक्त किया गया है।

कई नियंत्रण कक्ष स्थापित
राजस्थान में जोधपुर में एलडब्ल्यूओ का मुख्यालय है और इससे पश्चिमी राजस्थान के 10 क्षेत्रीय कार्यालय जुड़े हैं। इन सबमें कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके अलावा जयपुर, अजमेर, दौसा, चितौडगढ़़, मध्यप्रदेश के शिवपुरी और उत्तरप्रदेश के झांसी कंट्रोल रूम खोला गया है।

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टिड्डी के विरुद्ध अब तक की सरकार की तैयारी
- 62 स्प्रेयर मशीनें, इसमें 21 माइक्रोनियर व 41 अल्वामास्ट लगाई
- 200 कर्मचारी एलडब्ल्यूओ के, राज्यों के कृषि विभाग के सैंकड़ों कार्मिक शामिल
- 2317 ट्रेक्टयर और 115 फायर बिग्रेड काम कर रही
- 12 ड्रोन उड़ रहे हैं, 13 आने बाकी है
- 84 जिलों में 909 स्थानों पर हुआ नियंत्रण कार्यक्रम
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राजस्थान अधिक संसाधनों के साथ जुटा

राज्य --------------- ट्रेक्टर ------------ फायर ब्रिगेड
राजस्थान ----------- 2142 -----------46
मध्यप्रदेश -----------83 -----------47
उत्तरप्रदेश -----------4 -----------16
पंजाब ----------- 50 -----------6
गुजरात -----------38 -----------0



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