पीपाड़सिटी (जोधपुर). वैश्विक कोरोना महामारी में केंद्र सरकार की ओर से गरीबों के लिए खाद्य सुरक्षा योजना में आवंटित किया गया गेहूं क्षेत्र के सिंधीपुरा गांव का राशन डीलर ही डकार गया। इससे चयनित सैकड़ों लोग गेहूं से वंचित हो गए हैं।
जब इस मामले की जांच हुई तो राशन डीलर खुद भी खाद्य सुरक्षा में चयनित होकर हर माह सरकार को गेहूं की चपत लगाता पाया गया। इस खुलासे के बाद क्षेत्र के अन्य राशन डीलर भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। गड़बड़ी सिंधीपुरा के उचित मूल्य दुकानदार खानू खां ने की।
ग्रामीण पठान खां की शिकायत पर गरीब लोगों को राशन खाद्य सामग्री नहीं देने और कुछ गरीबों को गेहूं कम देने के अलावा मृत व्यक्तियों, शादीशुदा लड़कियां, जो ससुराल जा चुकी है उनके नाम से आवंटित गेहूं राशन डीलर द्वारा डकारने के मामले की जांच की गई। जांच में लगभग दो सौ लोगों का गेहूं उठाकर डकारने की पुष्टि हुई है।
शिकायत मिलने पर जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने जिला रसद अधिकारी द्वितीय राधेश्याम डेलू को जांच के निर्देश दिए। इस पर प्रवर्तन अधिकारी पुष्पराज पालीवाल से जांच करवाई गई। पालीवाल ने प्रारंभिक जांच में राशन डीलर को गड़बड़ी का जिम्मेदार बताया है।
जांच में यह हुआ खुलासा
प्रवर्तन अधिकारी की जांच रिपोर्ट के अनुसार आरोपी राशन डीलर खानू खां के पास सिंधीपुरा के साथ जालूपुरा में भी उचित मूल्य दुकान की है। उक्त उचित मूल्य विक्रेता को प्रतिमाह लगभग 250 क्विंटल गेहूं आवंटित होता है। जिसका वितरण कमीशन वर्तमान में लगभग 30 हजार रुपए होता है। इस कारण वह खाद्य सुरक्षा में चयनित नहीं हो सकता। इससे बावजूद वह इसका लाभ ले रहा है। विभाग ने समय-समय अपात्र व्यक्तियों को हटाए परन्तु राशन डीलर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर पात्रों की सूची में बना रहा।
उपभोक्ताओं के बयान दर्ज
जांच अधिकारी ने बीस उपभोक्ताओं के बयान दर्ज किए जिसमें वंचित लोगों ने बताया कि राशन डीलर परिवार के मृत एवं शादीशुदा यूनिटों का गेहूं नहीं देता जबकि पोस मशीन से इस गेहूं की निकासी हुई है। राशन डीलर को ऐसे व्यक्तियों की सूचना विभाग को देनी चाहिए थी परन्तु उसने ऐसा नहीं कर प्राधिकार पत्र की शर्त संख्या 11 का उल्लंघन किया। कई गरीबों को तीन-तीन साल गेहूं नहीं मिलने का मामला भी जांच में सामने आया।
इनका कहना है
जिला कलक्टर के निर्देश पर सिंधीपुरा में खाद्य सुरक्षा योजना के गेहूं वितरण में मिली अनियमितता मामले में राशन डीलर की ओर से अनुज्ञा पत्र की शर्तोंं के उल्लंघन की जांच रिपोर्ट पेश कर दी है।
-पुष्पराज पालीवाल, प्रवर्तन अधिकारी, रसद विभाग
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