करोड़ों खर्च, सवा तीन साल में ‘बाप ’ में बिके 5 प्लॉट

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जोधपुर।

जिले की फलोदी उपखण्ड के बाप तहसील में करोड़ों रुपए खर्च कर विकसित किया गया औद्योगिक क्षेत्र रीको के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ है। रीको की ओर से बाप औद्योगिक क्षेत्र में कुल 103 प्लॉट काटे गए। 24 मार्च 2017 से लॉटरी से भूखण्ड़ों का आवंटन शुरू किया गया था लेकिन सवा तीन साल बाद भी केवल 5 प्लॉट ही बिके है। प्लॉट आवंटन प्रक्रिया शुरू होने के बाद शुरू में ही 5 आवेदक उद्यमी आए। इनके बाद, अब तक किसी ने आवेदन ही नहीं किया।

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उद्यमियों के रूचि नहीं लेने के प्रमुख कारण

- जोधपुर से बाप करीब 170 किमी दूर है।

- प्लॉट की दर एक हजार रुपया वर्ग मीटर है, उद्यमियों के अनुसार ज्यादा है।

- जोधपुर से इतना दूर जाकर व्यापार करना औद्योगिक दृष्टि से सही नहीं है।

- बाप के आसपास कोई बड़ी इंडस्ट्री विकसित नहीं है।

- पानी की अनुपलब्धता।

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रेड कैटेगिरी की इकाइयां लग सकेंगी

- साल्ट ग्राइंडिंग

- स्टोन कटिंग

- स्टोन पॉलिशिंग

- ऑयल मिल्स

- इंजीनियरिंग गुड्स की इकाइयां लग सकेंगी, जो नॉन वॉटर इंटेंसिव हो।

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200 बीघा, 103 प्लॉट्स

प्लॉट्स के प्रकार ------ संख्या

4 हजार वर्ग मीटर------ 07

2 हजार वर्ग मीटर------ 54

1500 वर्ग मीटर------- 24

1 हजार वर्ग मीटर------ 13

700 वर्ग मीटर-------- 05

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कुल--------------- 103

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उद्यमियों का बाप औद्योगिक क्षेत्र के लिए रुझान नही है। मुख्यालय को प्लॉट्स की रेट करने का प्रस्ताव भेज रहा हूं। आशा है, रेट कम होने पर उद्यमी रुचि लेंगे।

संजय झा, क्षेत्रीय प्रबंधक

रीको जोधपुर



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