जोधपुर. इस बार 21 जून को होने वाले सूर्य ग्रहण के अवधिकाल में छह ग्रह वक्री रहेंगे । 21 जून का दिन वर्ष का सबसे बड़ा दिन होता है इससे पहले 76 वर्षों में 21 जून को ऐसा सूर्य ग्रहण नहीं आया। जोधपुर के प्रमुख ज्योतिषियों का मानना है कि इस ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा, जिससे सामाजिक स्थिति में टकराव, मानसिक अस्थिरता, सैन्य गतिविधियों में तेजी, खाद्यान्न के भावों में उछाल सहित उत्तर की ओर भूकंप की स्थिति बन रही है । साथ ही ग्रहण के बाद विषाक्त जीवाणुओं से रोगों में बढ़ोतरी की आशंका भी बढ़ जाएगी।
जोधपुर में 91 प्रतिशत परम ग्रास रहेगा ग्रहण
पंडित ओम दत्त शंकर के अनुसार 21 जून को कंकणाकृति सूर्यग्रहण होगा। जोधपुर में ग्रहण के सूतक नियम 20 जून की रात्रि 10.08 से मान्य होंगे। 21 जून की सुबह 10.08 पर ग्रहण स्पर्श होगा और 11.47 पर ग्रहण का मध्य और दोपहर 1.36 पर ग्रहण की समाप्ति याने मोक्ष होगा। कुल ग्रहण काल 3 घंटे 28 मिनट का रहेगा। जोधपुर में यह 91 प्रतिशत परम ग्रास रहेगा । ग्रहण के समय सूर्य अलग-अलग जगहों पर अधिकतम 12 से 24 सेकंड तक पूरा काला हो जाएगा। ग्रहणकाल में गणेश, गुरु मंत्र और त्रिदेव का जप श्रेष्ठ फलदाई माना गया है। पूरे देश में दृश्य मान होने की वजह से इस ग्रहण का जनमानस पर व्यापक असर पड़ेगा । खासकर मृगशिरा आद्र्रा नक्षत्र तथा मिथुन राशि पर ग्रहण का मुख्य प्रभाव रहेगा। ग्रहण के अवधि काल में एक साथ 6 ग्रह बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु वक्री रहेंगे ।अत: इन राशि वाले जातकों को ग्रहण के समय संयम ध्यान जाप करना चाहिए।
भारत में यह दृश्य मान होगा
कंकणाकृती के रूप में चूड़ामनी ग्रहण सूरतगढ़ सिरसा कुरुक्षेत्र देहरादून टिहरी यमुनानगर जोशीमठ व इनके समीप स्थानों पर देखा जाएगा । मृगशिरा व आद्रा नक्षत्र में मिथुन राशि में यह ग्रहण चक्रवात एवं वायु वेग देगा। अन्न महंगा और भूकंप की आशंका उत्तर भारत देता है।
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