जोधपुर. कोरोना संक्रमण के लिहाज से हॉट-स्पॉट घोड़ों का चौक में रहने वाले जेवर बनाने वाले कारीगर व श्रमिक मंगलवार देर शाम उस समय गांव लौटने से वंचित हो गए। जब सोजती गेट के बाहर प्राइवेट बसों में बैठने के बावजूद पुलिस ने उतार वापस घोड़ों का चौक में भेज दिया।
जानकारी के अनुसार घोड़ों का चौक में आभूषण बनाने का कार्य करने वाले लगभग सौ श्रमिकों ने महाराष्ट्र जाने के लिए प्रशासन से पास जारी करवाए। शाम को सभी परिवार व सामान के लिए साथ किराए के मकानों से घर लौटने के लिए निकल गए। सोजती गेट के बाहर मजदूर मैदान पर प्राइवेट बसें भी खड़ी हो गईं और श्रमिकों का इंतजार करने लगी।
सोजती गेट नाके पर तैनात पुलिस ने लाइन में खड़े कर सभी के नाम व पते नोट किए और एक-एक कर नाके से बाहर निकाला। कई श्रमिक बसों में जाकर अपनी-अपनी सीट पर बैठ गए, लेकिन कुछ ही देर बाद पुलिस ने सभी को नीचे उतारा और दुबारा घोड़ों का चौक में भेज दिया। इससे सभी श्रमिक चौंक गए। पुलिस का कहना है कि कफ्र्यू क्षेत्र होने से किसी को बाहर जाने की इजाजत नहीं होने से श्रमिकों को वापस भेज दिया गया।
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