अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. राज्य सरकार की ओर से कोरोनाकाल में धीरे-धीरे कई तरह की छूट दी जा रही है। वहीं अब शहर में निजी अस्पताल कोरोना मरीजों को भर्ती करने के साथ उनके सैंपल भी जांच के लिए बाहर भेज सकेंगे। ये सैंपल दो लैब के जरिए दिल्ली में टेस्ट होंगे। मरीजों का उपचार भी निजी अस्पताल कर सकेंगे। जोधपुर से इसके लिए प्रस्ताव भी बनाकर राज्य सरकार को भेजा जा चुका है।
इस पर जल्द अपू्रवल भी मिल जाएगी। इसके लिए शहर में स्ट्रलिंग एक्यूरेस व लाल पैथ लैब से निजी अस्पताल अपने सैंपल टेस्टिंग के लिए भेजेंगे। ये लैब आइसीएमआर से अप्रूवड हैं। साथ ही शुल्क 45 सौ रुपए निर्धारित है। जयपुर में इसी तरह कार्य हो रहा है। यहां सैंपल लेने निजी लैब के लैब टेक्निशियन आएंगे। माना जा रहा हैं कि इससे निजी अस्पताल में इलाज कराने वाले लोगों को खासी राहत मिलेगी। सीज जैसी कार्रवाई नहीं होगी
पूर्व में शहर में वायरसजनित बीमारियों को लेकर निजी अस्पताल सीज किए जा चुके हैं। इस बार सरकार ने कोरोना को लेकर सकारात्मक रूख अपना रखा है। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गु्रप-2 के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह ने हाल ही आदेश जारी कर कहा कि पॉजिटिव मरीज मिलने पर निजी अस्पतालों में एक आशंका बनी रहती है कि अस्पताल सीज हो जाएगा। जबकि वे इस समय इलाज में महत्वपूर्ण कड़ी है। जबकि इस बार सीज जैसी कोई कार्रवाई नहीं होगी।
सरकारी में जांच कराएंगे ज्यादा फायदा
माना ये भी जा रहा है कि यदि निजी अस्पताल के सैंपल डॉ. एसएन मेडिकल या अन्य सरकारी जांच केन्द्र में जांच के लिए जाएंगे तो रोगियों को त्वरित रिपोर्ट मिलेगी। सरकारी संस्थानों को निजी अस्पताल के जरिए आय होगी। सभी सैंपल की जोधपुर में ही जांच हो सकेगी।
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