सरकार बताए राज्य की सीमा पर फंसे प्रवासियों की स्थिति: कोर्ट

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को प्रदेश की सीमा पर बाहरी राज्यों से आए प्रवासी श्रमिकों की स्थिति और उनकी सुरक्षित घर वापसी के लिए अमल में लाई जा रही कार्ययोजना का ब्यौरा देने को कहा है। वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा तथा न्यायाधीश रामेश्वर व्यास की खंडपीठ में याचिकाकर्ता हरिसिंह राजपुरोहित की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान गुरुवार को राज्य सरकार की ओर से जवाब पेश किया गया।

याची के अधिवक्ता मोतीसिंह ने कहा कि सरकार के जवाब से यह स्पष्ट है कि लाखों प्रवासियों ने गृह राज्य में आगमन या वापसी के लिए पंजीयन करवाया है, लेकिन उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने के प्रयास नाकाफी हैं। उन्होंने एक बार फिर राज्य की सीमा पर फंसे प्रवासियों का मामला उठाया। अतिरिक्त महाधिवक्ता पंकज शर्मा ने राज्य की सीमा पर प्रवासियों की तथ्यात्मक स्थिति व कार्ययोजना बताने के लिए अतिरिक्त शपथ पत्र पेश करने के लिए समय चाहा, जिसे मंजूर करते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई 18 मई को मुकर्रर की है।


शर्मा ने कोर्ट में कहा कि स्टेट पोर्टल पर अब तक 9,25,550 प्रवासियों ने अपने गृह राज्य में वापसी के लिए पंजीयन करवाया है, जबकि राजस्थान मूल के 11,53,862 प्रवासी घर वापस आना चाहते हैं। सरकार ने इन दोनों श्रेणियों के प्रवासियों को अब तक 3,11,012 ई-पास जारी किए हैं। इस मामले में 11 मई को एक संशोधित एसओपी जारी की गई है, जिसमें घर वापसी के इच्छुक प्रवासियों के लिए ई-पास की अनिवार्यता में आवश्यक शिथिलता दी गई है। उन्होंने कहा कि केवल अनाधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही पर प्रतिबंध है, ताकि कोरोनावायरस के संक्रमण का खतरा न रहे। शर्मा ने कहा कि जिन प्रवासियों ने अनुमति प्राप्त कर ली हैं, उन्हें राज्य में प्रवेश से नहीं रोका जा रहा। उन्होंने याचिका में उठाए गए तथ्यों को वास्तविकता से परे बताते हुए कहा कि इस संबंध में वस्तुस्थिति कोर्ट के समक्ष रख दी जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बेघर लोगों को खाना, कपड़ा, शेल्टर तथा दवाइयां देने के लिए 2043 लाख रुपए का बजट मंजूर किया है।


करीब 20.79 प्रवासियों का पंजीयन, परिवहन सुविधा नाकाफी
राज्य सरकार ने राज्य से जाने और आने को इच्छुक प्रवासियों की संख्या का खुलासा करते हुए कहा कि 20.79 लाख लोगों ने पंजीयन करवाया है। इसके साथ ही सरकार ने अब तक किए गए और प्रस्तावित परिवहन का ब्यौरा भी बताया है।
-एएजी ने कहा कि 23 से 31 मार्च तक 1.25 लाख श्रमिकों को रोडवेज की बसों के माध्यम से गृह राज्य भेजा या लाया गया था। इसी तरह 24 अप्रैल से 11 मई तक 1.02 श्रमिकों, छात्र व पर्यटकों को गृह राज्य भेजा जा चुका है। ट्रेन से प्रवासियों को भेजने की जानकारी देते हुए बताया गया कि 13 मई तक 27 ट्रेनों के माध्यम से 31,197 श्रमिक, छात्र व प्रवासियों को गृह राज्य भेजा गया है। 18 मई तक प्रस्तावित 22 ट्रेनों के माध्यम से 33 हजार श्रमिक और भेजे जाएंगे।
-बुधवार तक छह ट्रेनों में 7,482 प्रवासी श्रमिकों को राजस्थान लाया गया है। 18 मई तक प्रस्तावित 11 ट्रेनों में करीब 16,500 और श्रमिकों को भी लाया जाएगा।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2WwHkfV
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment