जोधपुर। लॉकडाउन ( Lockdown in Rajasthan ) ने देश ही नहीं बल्कि प्रदेश के सबसे प्रदूषित शहरों की आबोहवा को साफ कर दिया है। यहीं कारण है कि देश के टॉप प्रदूषित शहरों ( polluted cities ) में शामिल जोधपुर भी प्रदूषण कम होने के बाद अब ग्रीन जोन में आ गया है। जबकि लॉकडाउन से पहले राजस्थान का जोधपुर सबसे प्रदूषित शहरों में से एक बना हुआ था।
ग्रीनपीस इंडिया ( Greenpeace India ) की एयरपोकैलिप्स रिपोर्ट के अनुसार जोधपुर प्रदूषण के लिहाज से देश में 12वें स्थान पर था और राजस्थान में प्रदूषित शहरों की सूची में पहले स्थान पर। वहीं लॉकडाउन से पहले राजस्थान के आठ शहर ऐसे थे जिनमें प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा था। लेकिन लॉकडाउन के बाद इन शहरों में प्रदूषण का स्तर घटा है और यह शहर प्रदूषण के रेड जोन से निकलकर अब ग्रीन जोन में आ गए हैं। जिन शहरों में का एक्यूआई स्कोर लॉकडाउन से पहले 200 से 300 तक रहता था उन प्रदूषित शहरों का स्कोर अब 100 एक्यूआई से भी कम है। जबकि साल शुरू होने के साथ ही जारी हुई रिपोर्ट में राजस्थान का जोधपुर 12वें, भरतपुर 21वें, अलवर 26वें, भिवाड़ी 31वें और राजधानी जयपुर देश के टॉप 50 प्रदूषित शहरों में 34वें स्थान पर शामिल था। वहीं कोटा 42वें, चित्तौड़गढ़ 45वें और उदयपुर 49वें स्थान पर शामिल था।
अब एक्यूआई स्कोर 100 से भी कम
कारखाने बंद होने, निर्माण कार्य बंद होने और वाहनों के दबाव घटने के साथ कार्यालयों में एयरकंडीशन बंद होने से इन दिनों प्रदूषण का स्तर घट गया है। लॉकडाउन लागू होने से पहले जोधपुर का एक्यूआई स्कोर 173 से 200 के बीच रहता था जो अब 89 ही रह गया है। वहीं जयपुर का एक्यूआई स्कोर अब 83, भिवाड़ी का एक्यूआई स्कोर जो 200 से 250 को भी पार कर रहा था वह अब घटकर 156 हो गया है। हालांकि भिवाड़ी लॉकडाउन तीन में मिली ढ़ील के बाद ग्रीन जोन से निकलकर यैलो जोन में आ गया है। वहीं अलवर का एक्यूआई स्कोर 58 बना हुआ है। इसके अलावा उदयपुर का एक्यूआई 64, कोटा का 41 बना हुआ है। जबकि यह शहर लॉकडाउन से पहले प्रदूषण के लिहाज से यैलो और रेड जोन में बन हुए थे। लेकिन इससे निकलकर अब ग्रीन जोन में आ गए हैं।
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