अमित दवे/जोधपुर. प्रदेश में लगाए गए दो प्रतिशत कृषक कल्याण कर के विरोध में प्रदेश की कृषि उपज मंडियां सहित प्रदेश की सबसे बड़ी जीरा मंडी बंद है। इससे ने केवल व्यापार चौपट हो रहा है बल्कि यहां से कृषि उपज का पड़ौसी राज्यों में पलायन भी हो रहा है। कर के विरोध में जोधपुर जिले के अधिकांश जनप्रतिनिधियों ने भी माना है कि कर गलत लगाया है, वहीं कुछ ने सरकार से कर के आरोपण पर पुनर्विचार का आग्रह किया है।
जनप्रतिनिधियों के विचार
मंडियां बंद हैं, व्यापार चौपट हो रहा है। किसान भी प्रभावित हो रहे है। मैं मुख्यमंत्री से कृषक कल्याण कर को वापस लेने के लिए बात करूंगी।
-सूर्यकांता व्यास, विधायक, सूरसागर
सरकार इस मामले में पुनर्विचार कर रही है। सरकार को कृषक कल्याण कर को निरस्त करने का आग्रह किया है। सरकार किसानों, व्यापारियों के हित में उचित निर्णय करेगी। मनीषा पंवार, विधायक,जोधपुर शहरसरकार ने कृषि कल्याण कर गलत लगाया है। मैंने इस कर विरोध किया और कृषि मंत्री को पत्र लिखकर इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
-पुखराज गर्ग, विधायक,भोपालगढ़
कोरोना महामारी में मंडियां बंद होने से व्यापार प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कृषक कल्याण कर को निरस्त करने का आग्रह किया है।
-महेन्द्र विश्नोई, विधायक, लूणी
कोरोना महामारी के समय किसान व व्यापारी टूटे हुए है। ऐसे समय में कर लगाने के पीछे सरकार की क्या मंशा है। मैने मुख्यमंत्री को पत्र कृषक कल्याण कर को समाप्त करने का निवेदन किया है।
-पब्बराम विश्नोई, विधायक, फलोदी
सरकार के बजट घोषणा पत्र में था। कृषि कल्याण कर किसानों पर नहीं लगेगा। कर हटाने की व्यापारियों की मांग को सरकार तक पहुंचाएंगे।
-मीना कंवर, विधायक,शेरगढ़
कृषक कल्याण कर से किसानों को कोई नुकसान होगा। किसानों के हित में है। रही बात कृषि उपज मंडियों की, तो सरकार उनको खुलवाने के प्रयास कर रही है।
-किसनाराम विश्नोई, विधायक, लोहावट
कृषि क्षेत्र में कृषक कल्याण कर सरकार का महत्वपूर्ण कदम है। यह कृषि मंडियों के मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए है।
-हीरालाल मेघवाल, विधायक, बिलाड़ा
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