8 हजार श्रमिकों से चालू हुई 90 प्रतिशत वृहद इकाइयां, मॉडिफाइड लॉकडाउन से उद्योगों में रौनक लाने का प्रयास

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अविनाश केवलिया/जोधपुर. मॉडिफाइड लॉकडाउन यानि 2.0 से ही सरकार उद्योगों में रौनक लाने का प्रयास कर रही है। इसके बाद लॉकडाउन 3.0 और अब सोमवार से 4.0 शुरू होने जा रहा है। जोधपुर के लिए अच्छे संकेत यह हैं कि वृहद स्तर की 90 प्रतिशत इकाइयों में काम शुरू हो चुका है। उद्योगों के पटरी पर लौटने की पत्रिका पड़ताल स्टोरी।

वृहद इकाइयों के हाल
लॉकडाउन के साथ ही वृहद् स्तर की इन इकाइयों में काम ठप हो गया है। इससे हजारों की संख्या में श्रमिकों के पास नहीं था। लेकिन अब अब पिछले कुछ दिन में इकाइयां शुरू होने लगी है। 27 में से 24 वृहद् क्षेत्र की और 1 मेगा स्तर की इकाई का काम शुरू हुआ है। 8 हजार श्रमिकों के काम लौटने का रिकॉर्ड है।

100 इकाइयां पहले से शुरू
जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित के अनुसार लॉकडाउन प्रथम चरण के दौरान अत्यावश्यक सेवाओं से संबंधित करीब 100 इकाइयों को उत्पादन जारी रखा गया है। इनमें खाद्य पदार्थ और दवाइयों जैसी बेहद जरूरी वस्तुएं निर्माण करने वाली व सप्लाई चेन वाली इकाइयां थी।

लक्ष्य प्रतिदिन 25 इकाइयां शुरू करने का
लॉकडाउन के दूसरे चरण के बाद से इकाइयां स्वीकृतियां ले रही हैं। इब तक यहां करीब 781 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रारम्भ हो गए। एक जिले से दूसरे जिले में परिवहन की अनुमति मिलने के बाद अब लक्ष्य प्रतिदिन कम से कम 25 इकाइयों को शुरू करने का रखा गया है।

यह चुनौतियां
जिले से अब तक 15 हजार के करीब श्रमिक पलायन कर चुके हैं। जिनमें कई निपुण लोग थे जो कि हैंडीक्राफ्ट व टैक्सटाइल में काम करते थे। अभी 10 हजार से अधिक जाने की कतार में है।

यह राहत
10 से अधिक प्रवासी यहां आने वाले भी हैं। यदि इनको कौशल सिखा निपुण बनाया जाए तो स्थानीय रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।

क्या कहते हैं श्रमिक
पूर्णिया बिहार के रहने वाले विजय कुमार ने बताया कि फैक्ट्री काम शुरू होने से चिंता कम हुई है, पगार भी पूरी मिलेगी। एस.के राज जो एक हैंडीक्राफ्ट फैक्टी में का करते हैं ने बताया कि घर नहीं जा रहे हैं, बल्कि काम शुरू पर फैक्ट्री में लग गए हैं।

क्या कहते हैं व्यापारी
राजसिको के पूर्व चेयरमैन सुनील परिहार ने बताया कि आर्थिक गतिविधियां शुरू होने अच्छे संकेत हैं। फिर से गाड़ी पटरी पर दौड़ेगी। सावधानी से काम किया जा सकता है।



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