अमित दवे/जोधपुर. देश में महत्वपूर्ण उद्योगों व आम आदमी के रोजमर्रा के काम आने वाले उत्पादों के निर्माण में लाइम की मुख्य भूमिका है। लॉकडाउन में सरकार ने लाइम उद्योग को आवश्यक उत्पादों में आपूर्ति के लिए खनन व परिवहन की मंजूरी दी, इससे लाइम बनकर आवश्यक उत्पादों का निर्माण हो सकेगा। वहीं इकाइयां चालू होने से उद्यमियों को राहत व मजदूरों को रोजगार की आस जगी है। देश में राजस्थान ही ऐसा राज्य है जहां उच्च क्वालिटी का लाइम उपलब्ध है और देश के विभिन्न उद्योगों को निरंतर आपूर्ति करता आ रहा है।
इन उद्योगों में लाइम की भूमिका
शुगर निर्माण, दवाई उद्योग, पानी की सफ ाई (ड्रिंकिंग वाटर), ब्लीचिंग पाउडर, हाइपोक्लोराइट, सेनेटाइजेशन, कैटल फीड, मछली के भोजन निर्माण में लाइम की सीधी भूमिका होती है। हालांकि स्टील उद्योग, पेपर उद्योग, केमिकल उद्योग, कंस्ट्रक्शन गतिविधियां बंद होने के कारण वर्तमान में इस उत्पाद की मांग भी 10 से 15 प्रतिशत रह गई है।
3 हजार चूने भट्टें, 10 हजार लोगों को रोजगार
राजस्थान में यह उद्योग जोधपुर, नागौर, पाली जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित है। यहां करीब 3 हजार चूने भट्टे संचालित हो रहे हैं और करीब 8 से 10 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध करवा रहा है। इस उद्योग का अर्थव्यवस्था में सालाना करीब 2 हजार करोड़ का योगदान है।
सभी उद्योग चलने पर ही गति आएगी
इस उद्योग से जुड़े उद्यमियों को चिंता सताए जा रही है कि जब तक कंस्ट्रक्शन गतिविधियां, स्टील, पेपर, केमिकल, चमड़ा उद्योग आदि व्यवस्थित रूप से नहीं चलेंगे, तब तक लाइम उद्योग गति नहीं पकड़ पाएगा।
उद्यमियों ने रखा मजदूरों का ख्याल
लाइम इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमी अपने मजदूरों की सेलेरी से लेकर भोजन, स्वास्थ्य आदि का पूरा ख्याल रख रही है। अधिकांश लेबर प्रदेश के बाहर की होने के बाद भी पलायन नहीं किया है। उद्योग चलाने में दिक्कतें आएगी, लेकिन सरकार से मांग है कि बिजली के बिलों, बैंकों के ऋणों में रियायत व रॉयल्टी की दरों में कमी की जाए, ताकि यह उद्योग निर्बाध रूप से चलता रहे।
- मेघराज लोहिया, अध्यक्ष, ऑल इंडिया लाइम मेन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन
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